एमपीएससी प्रश्नपत्र लीक मामला : सातवीं रैंक हासिल करने वाली महिला अभ्यर्थी को पुलिस हिरासत में भेजा गया

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एमपीएससी प्रश्नपत्र लीक मामला : सातवीं रैंक हासिल करने वाली महिला अभ्यर्थी को पुलिस हिरासत में भेजा गया

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  • Publish Date - September 2, 2026 / 07:47 PM IST,
    Updated On - September 2, 2026 / 07:47 PM IST

मुंबई, दो सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की औषधि निरीक्षक परीक्षा में सातवीं रैंक हासिल करने वाली एक महिला अभ्यर्थी को कथित प्रश्नपत्र लीक मामले में बुधवार को यहां की एक अदालत ने पांच सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।

मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने आरोपी ऋतुजा पाटिल को मंगलवार को उत्तर महाराष्ट्र के नंदुरबार से गिरफ्तार किया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शायना पाटिल ने उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

इससे पहले अपराध शाखा की संपत्ति शाखा ने 22 मार्च को आयोजित औषधि निरीक्षक (ग्रुप-बी) प्रारंभिक परीक्षा के प्रश्नपत्र कथित रूप से लीक होने के मामले में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के तीन अधिकारियों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया था।

पुलिस के अनुसार, ऋतुजा को परीक्षा से पहले कथित तौर पर लीक हुआ प्रश्नपत्र मिल गया था और उसे सलाह दी गई थी कि वह संदेह से बचने के लिए जानबूझकर 10 सवालों के गलत जवाब दे।

ऋतुजा के अलावा गिरफ्तार आरोपियों में एमपीएससी के सहायक अनुभाग अधिकारी विश्वेश्वर दत्तात्रेय नकाते और गोपाल भट्टू मराठे, एमपीएससी के अवर सचिव अभिजीत गणपतराव लेंडवे, नंदुरबार स्थित कौटिल्य अकादमी के निदेशक प्रवीण दिलीप पाटिल तथा कथित रूप से साजिश में शामिल अमृत नामदेव पाटिल और लोकेश उर्फ गौरव राजेंद्र पाटिल शामिल हैं।

अपराध शाखा के अनुसार आरोपियों ने परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र हासिल कर लिया था, उसे एक अलग सेट के रूप में तैयार किया और अनधिकृत लोगों को वितरित किया।

भाषा रवि कांत रवि कांत रंजन

रंजन