मुंबई के रियल एस्टेट एजेंट के ‘फ्लैट केवल शाकाहारियों के लिए’ वीडियो पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं
मुंबई के रियल एस्टेट एजेंट के ‘फ्लैट केवल शाकाहारियों के लिए’ वीडियो पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं
मुंबई, 12 अगस्त (भाषा) एक रियल एस्टेट एजेंट की ओर से सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए उस वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, जिसमें उसने कथित तौर पर कहा है कि दक्षिण मुंबई के ताड़देव इलाके में बन रही एक आलीशान ऊंची इमारत में केवल शाकाहारियों को ही फ्लैट खरीदने की अनुमति होगी।
कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने कहा कि यह इस बात का स्पष्ट उदाहरण है कि मुंबई की बहुसांस्कृतिक और सर्वसमावेशी पहचान किस तरह ‘फूड अपार्थाइड’ यानी खान-पान के आधार पर भेदभाव की ओर बढ़ रही है, जहां आवासीय सोसाइटी में मांसाहारी भोजन के सेवन पर रोक लगाई जा रही है।
एजेंट भावेश कवारे ने इंस्टाग्राम पर यह वीडियो पोस्ट किया। कवारे ने कहा कि इस इमारत में 2-बीएचके फ्लैट 6.5 करोड़ रुपये में बेचा जाएगा, लेकिन इसमें केवल शाकाहारियों का ही स्वागत है।
सोशल मीडिया उपयोगकर्ता शुभम ने कहा, ‘‘यह मराठी लोगों की मुंबई है। यह आगरी-कोली समुदाय और महाराष्ट्र के मेहनतकश, आम लोगों की मुंबई है।’’
उसने कहा, ‘‘आप कौन होते हैं यह तय करने वाले कि मुंबई में कोई व्यक्ति क्या खाए या क्या न खाए? सिर्फ इसलिए कि कोई मछली, मटन या चिकन खाता है, उसे घर देने से इनकार करना मनमाने ढंग से किसी को घर देने या न देने का फैसला नहीं है, बल्कि यह खुले तौर पर सामाजिक भेदभाव को दर्शाता है।’’
शुभम ने कहा, ‘‘क्या अब यह तय किया जाएगा कि मुंबई में पीढ़ियों से मछली खाते आ रहे किसी व्यक्ति को उसके खाने की थाली में क्या है, इसी आधार पर घर मिलेगा या नहीं? जो लोग भेदभाव करते हैं, उन्हें सबक सिखाया जाना चाहिए।’’
पिछले कुछ वर्षों में इस तरह के भेदभाव के कई मामले सुर्खियों में रहे हैं।
बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान ने बताया था कि 2012 में करीना कपूर से शादी के बाद जब वह घर की तलाश कर रहे थे, तब कई आवासीय सोसाइटी ने उन्हें घर देने से इनकार कर दिया था।
अभिनेता इमरान हाशमी ने 2014 में कहा था कि एक आवासीय सोसाइटी ने उन्हें घर देने से इनकार कर दिया था।
भाषा देवेंद्र पारुल
पारुल

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