नायडू ने अमरावती को राजधानी बनाने वाले विधेयक को मंजूरी देने के लिए राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया

नायडू ने अमरावती को राजधानी बनाने वाले विधेयक को मंजूरी देने के लिए राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया

नायडू ने अमरावती को राजधानी बनाने वाले विधेयक को मंजूरी देने के लिए राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया
Modified Date: April 7, 2026 / 12:16 pm IST
Published Date: April 7, 2026 12:16 pm IST

अमरावती, सात अप्रैल (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी देने के लिए धन्यवाद दिया है।

यह विधेयक अमरावती को राज्य की राजधानी के रूप में मान्यता देता है।

राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह अधिनियम भारत के राजपत्र में प्रकाशित हुआ।

मुख्यमंत्री ने दक्षिणी राज्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और ‘अमरावती विधेयक’ का समर्थन करने के लिए सभी सांसदों को दिए गए मार्गदर्शन के लिए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद दिया।

नायडू ने सोमवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘आंध्र प्रदेश की जनता की ओर से मैं माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026 को अपनी कृपापूर्ण स्वीकृति देकर हमारी राजधानी के लंबे समय से संजोए सपने को साकार किया है।’

मुख्यमंत्री ने राज्य के नेताओं और आंध्र प्रदेश के साथ खड़े रहने वाले प्रत्येक नागरिक को मार्गदर्शन देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया।

उन्होंने कहा, ‘यह आंध्र प्रदेश की मेरी जनता, विशेषकर अमरावती के मेरे किसानों की जीत है।’

मंगलवार को नायडू ने फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, ‘आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती है।’

उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कहा कि छह अप्रैल को इतिहास में उस दिन के रूप में दर्ज किया जाएगा जब अमरावती को आधिकारिक तौर पर आंध्र प्रदेश की राजधानी के रूप में मान्यता दी गई।

कल्याण ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘संसद में विधेयक पारित होने और भारत सरकार द्वारा राजपत्र अधिसूचना जारी होने के बाद, और भारत की राष्ट्रपति की सहमति से, इस ऐतिहासिक अवसर पर आंध्र प्रदेश के लोगों की यह लंबे समय से प्रतीक्षित आकांक्षा अंततः पूरी हो गई है।’

उन्होंने इस ऐतिहासिक क्षण को संभव बनाने के लिए मुर्मू, मोदी और नायडू को धन्यवाद दिया।

भाषा तान्या वैभव

वैभव


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