नासिक, 24 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र में नासिक की एक अदालत ने शुक्रवार को स्वयंभू बाबा अशोक खरात को उसके खिलाफ दर्ज यौन शोषण के छठे मामले में 26 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
खरात को 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। उसपर कई महिलाओं का यौन शोषण करने और दैवीय शक्तियों तथा काला जादू का ज्ञान होने का दावा कर बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी करने के आरोप हैं।
छठे मामले में पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी खरात पर आरोप है कि उसने एक युवती का यौन शोषण किया, जो अपनी निजी समस्याओं के समाधान के लिए उसके पास पहुंची थी।
पुलिस ने बताया कि खरात ने युवती को धमकी दी थी कि वह अपनी “दैवीय शक्तियों” का इस्तेमाल कर उसके परिवार को बर्बाद कर देगा। स्वयंभू बाबा ने पीड़िता के परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज भी अपने पास रख लिये थे।
नासिक और अहिल्यानगर जिलों में खरात के खिलाफ दर्ज यौन शोषण और वित्तीय धोखाधड़ी के 12 मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बृहस्पतिवार को अदालत में छठे मामले में उसकी हिरासत की अर्जी दायर की थी।
अदालत से अनुमति मिलने के बाद एसआईटी ने खरात को अपनी हिरासत में ले लिया और शुक्रवार को छठे मामले में अदालत में पेश किया।
सुरक्षा कारणों से अदालत की कार्यवाही वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये हुई, जिसमें पुलिस ने चार दिन की हिरासत का अनुरोध किया।
अभियोजन पक्ष ने मामले को गंभीर बताते हुए अदालत में कहा कि आरोपी ने पीड़िता को पानी में नशीला पदार्थ देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने उससे कुछ धार्मिक अनुष्ठान भी करवाए।
अभियोजन ने यह भी कहा कि पुलिस को मामले के वित्तीय पहलू की भी जांच करनी है।
खरात के वकील सचिन भाटे ने दलील दी कि पुलिस उसके खिलाफ दर्ज छह मामलों में एक जैसी परिस्थितियों की जांच कर रही है और हर मामले में हिरासत मांगने के लिए वही दलीलें दी जा रही हैं।
हालांकि, एसआईटी अधिकारी रवींद्र मांजरे ने कहा कि हर मामले में पीड़िता और घटनाक्रम की अवधि अलग-अलग है तथा विस्तृत जांच के लिए टीम गठित की गई है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बी.एन. इचपुरानी ने खरात को छठे मामले में 26 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
भाषा गोला सुरेश
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