नासिक: ‘स्वयंभू बाबा’ के खिलाफ जांच का दायरा बढ़ा, 1,500 करोड़ रुपये की संपत्ति, 100 वीडियो बरामद

नासिक: 'स्वयंभू बाबा' के खिलाफ जांच का दायरा बढ़ा, 1,500 करोड़ रुपये की संपत्ति, 100 वीडियो बरामद

नासिक: ‘स्वयंभू बाबा’ के खिलाफ जांच का दायरा बढ़ा, 1,500 करोड़ रुपये की संपत्ति, 100 वीडियो बरामद
Modified Date: March 24, 2026 / 06:26 pm IST
Published Date: March 24, 2026 6:26 pm IST

मुंबई, 24 मार्च (भाषा) ‘स्वयंभू बाबा’ एवं बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के खिलाफ मामलों की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 1,500 करोड़ रुपये की संपत्ति और 100 आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए हैं। यह जानकारी एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को दी।

अधिकारी ने बताया कि इस बरामदगी से जांच का दायरा बढ़ा है और नासिक पुलिस और आयकर विभाग को भी जांच में शामिल किया गया है।

खरात नासिक जिले के सिन्नर में एक मंदिर ट्रस्ट का प्रमुख है और जिससे वर्षों से कई नेता मिलने आते रहे हैं। खरात को 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था, जब 35-वर्षीय एक महिला ने उस पर तीन साल की अवधि में बार-बार बलात्कार करने का आरोप लगाया था।

खरात के खिलाफ सात महीने की गर्भवती महिला और एक अन्य महिला का फिर से विवाह कराने के नाम पर यौन शोषण करने के आरोप में दो और मामले दर्ज किए गए हैं।

उन्होंने बताया, ‘‘एसआईटी ने 100 आपत्तिजनक वीडियो और खरात से संबंधित लगभग 1,500 करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद की है। आयकर विभाग खरात और उससे जुड़े लोगों की वित्तीय अनियमितताओं और संपत्ति की जांच कर रहा है, जबकि साइबर पुलिस वीडियो की जांच कर रही है।’’

उन्होंने कहा कि जांच के दायरे और गंभीरता को देखते हुए, कई एजेंसियों द्वारा संयुक्त रूप से जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि जांच का दायरा बढ़ाने का उद्देश्य डिजिटल फोरेंसिक और वित्तीय लेन-देन सहित साक्ष्यों की जटिल परतों का प्रबंधन करना है।

आईपीएस अधिकारी तेजस्विनी सतपुते के नेतृत्व वाली एसआईटी खरात के खिलाफ छह मामलों की जांच कर रही है और उसने जनता से नासिक में आपराधिक मामलों से संबंधित किसी भी प्रासंगिक जानकारी के साथ आगे आने की अपील की है।

अधिकारी ने कहा कि एसआईटी ने आश्वासन दिया है कि सूचना देने वालों या आरोपी द्वारा किए गए अपराध की जानकारी देने वालों की पहचान को पूरी तरह से गोपनीय रखा जाएगा।

अधिकारी ने बताया कि जांच दल में अपराध शाखा के पांच से दस अधिकारी शामिल हैं, जिनमें महिला कर्मी भी शामिल हैं।

महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सदानंद दाते और राज्य सरकार जवाबदेही और त्वरित प्रगति सुनिश्चित करने के लिए जांच की निगरानी कर रहे हैं।

भाषा अमित सुरेश

सुरेश


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