राकांपा (शप) नेता ने सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राकांपा के साथ विलय की संभावना से इनकार किया
राकांपा (शप) नेता ने सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राकांपा के साथ विलय की संभावना से इनकार किया
मुंबई, 20 मई (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने बुधवार को कहा कि सत्ताधारी राकांपा के साथ विलय का मुद्दा अब खत्म हो चुका है और भविष्य में इस पर किसी भी तरह की चर्चा की कोई गुंजाइश नहीं है।
राकांपा (शप) प्रमुख शरद पवार और राकांपा नेता सुनील तटकरे के बीच हुई बैठक के बाद नए सिरे से दोनों दलों के विलय की अटकलें लगने लगी थीं।
शरद पवार की अध्यक्षता में हुई राकांपा (शप) की बैठक में भाग लेने के बाद, शशिकांत शिंदे ने कहा कि पार्टी संगठन को मजबूत करने और महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के बैनर तले जन आंदोलनों को तेज करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
यह बैठक उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ राकांपा में आंतरिक कलह की खबरों के बीच हुई, जिसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल को कथित तौर पर दरकिनार कर दिया गया है। तटकरे ने पिछले सप्ताह शरद पवार से मुलाकात की थी।
शरद पवार ने देश और महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति और अपना खोया आधार वापस पाने की रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए बुधवार को मुंबई में बुलाई गई पार्टी की बैठक की अध्यक्षता की।
शिंदे ने कहा कि पवार के नेतृत्व में पार्टी को एक मजबूत विपक्षी ताकत के रूप में तैयार करने के लिए सांसदों, विधायकों, चुनाव लड़ चुके नेताओं, पदाधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा की गई।
उन्होंने कहा, ‘‘सत्ताधारी राकांपा के साथ विलय का कोई सवाल ही नहीं उठता। विलय का मुद्दा अब पूरी तरह खत्म हो चुका है। मैंने यह पहले भी कहा था और मैं इसे फिर से दोहरा रहा हूं कि भविष्य में ऐसी कोई चर्चा नहीं होगी।’’
कुछ नेताओं के जनता के बीच या आंदोलनों के दौरान दिखाई न देने की आलोचना का जिक्र करते हुए राकांपा (शप) नेता ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने ऐसी चिंताओं पर ध्यान दिया है तथा संगठनात्मक कार्यों और विरोध प्रदर्शनों में सक्रिय रूप से शामिल कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि पार्टी एमवीए के सहयोगी दलों – शिवसेना (उबाठा) और कांग्रेस – के साथ मिलकर आंदोलनों के माध्यम से नीट परीक्षा विवाद, महंगाई, रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि और ईंधन से संबंधित समस्याओं जैसे मुद्दों को आक्रामक रूप से उठाएगी।
बैठक में 2024 के विधानसभा चुनावों और इस वर्ष की शुरुआत में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में राकांपा (शप)के प्रदर्शन पर विचार-विमर्श के साथ-साथ, प्रमुख राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर पार्टी के रुख के साथ-साथ 10 जून को होने वाले इसके स्थापना दिवस कार्यक्रम की तैयारियों पर भी चर्चा की गई।
इस बीच, राकांपा (शप) विधायक और पवार के पोते रोहित पवार बैठक में शामिल नहीं हुए। हालांकि रोहित ने पार्टी से नाराजगी के दावों को ‘बेबुनियाद’ बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि उन्हें अपने कर्जत-जामखेड़ निर्वाचन क्षेत्र और बारामती में किसानों को प्रभावित करने वाले एक जरूरी जल मुद्दे का समाधान करने के लिए पुणे जाना पड़ा।
रोहित पवार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बैठक से अपनी अनुपस्थिति को लेकर चल रही अटकलों को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘मीडिया के एक धड़े में मेरे नाराज होने के बारे में प्रसारित हो रही खबरें निराधार हैं। हम आदरणीय पवार साहब के मार्गदर्शन में काम करने वाले कार्यकर्ता हैं।’’
रोहित पवार ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र (अहिल्यानगर जिले में) के कुकड़ी क्षेत्र और बारामती (पुणे जिले में) के किसानों के लिए जनाई-शिरसाई परियोजना से पानी का मुद्दा गंभीर हो गया है, जिसके कारण उन्हें पुणे में सिंचाई भवन का अचानक दौरा करना पड़ा।
उन्होंने कहा, ‘‘अगर प्रशासन पर दबाव न होता और उन्होंने पानी छोड़ने के अपने वादे का सम्मान किया होता, तो मैं पुणे के सिंचाई भवन के बजाय आज मुंबई में पूर्व निर्धारित बैठक में शामिल हो सकता था।’’
भाषा
शफीक नरेश
नरेश

Facebook


