राकांपा (शप) को बड़ा झटका: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री प्राजक्त तानपुरे भाजपा में शामिल

राकांपा (शप) को बड़ा झटका: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री प्राजक्त तानपुरे भाजपा में शामिल

राकांपा (शप) को बड़ा झटका: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री प्राजक्त तानपुरे भाजपा में शामिल
Modified Date: May 30, 2026 / 09:34 pm IST
Published Date: May 30, 2026 9:34 pm IST

मुंबई, 30 मई (भाषा) शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा (एसपी) को एक बड़ा झटका देते हुए महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री प्राजक्त तानपुरे ने शनिवार को पार्टी छोड़ दी और सत्ताधारी भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच अपने समर्थकों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है।

वह मुंबई में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राज्य इकाई के प्रमुख रवींद्र चव्हाण और पूर्व लोकसभा सदस्य सुजय विखे पाटिल की उपस्थिति में पार्टी में शामिल हुए।

इस अवसर पर उन्होंने कहा, ‘आज मैं भाजपा में शामिल हो गया हूं। यह निर्णय मैंने अपने सभी समर्थकों से विचार-विमर्श करने के बाद लिया है।’

उन्होंने कहा कि उनमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार या पार्टी नेता जयंत पाटिल से इस बारे में बात करने का साहस नहीं था, लेकिन उन्होंने पार्टी सांसद सुप्रिया सुले को अपने रुख से अवगत करा दिया।

तानपुरे ने कहा कि पार्टी बदलने का उनका निर्णय आसान नहीं था और उन्होंने इस बात से इनकार किया कि यह केंद्रीय एजेंसियों के डर से प्रेरित था।

उन्होंने कहा, “यह आसान फैसला नहीं था। मुझे अभी भी राकांपा (एसपी) छोड़ने का दर्द महसूस होता है। भाजपा में शामिल होने के पीछे कुछ कारण हैं। मैंने पहले ही जयंत पाटिल के साथ अपनी चिंताएं साझा की थीं। मैं ईडी के डर से भाजपा में शामिल नहीं हो रहा हूं… हमारी फैक्टरी को भेजा गया नोटिस रद्द कर दिया गया है, इसलिए वह मुद्दा अब नहीं है।”

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2022 में महाराष्ट्र राज्य सहकारी (एमएससी) बैंक धोखाधड़ी मामले में तानपुरे की जमीन को जब्त कर लिया था।

उन्होंने कहा कि वे भाजपा के फैसलों का पालन करेंगे और उम्मीद जताई कि ग्रामीण मुद्दों का समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल उनकी मंत्री पद की कोई महत्वाकांक्षा नहीं है।

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार के दौरान शहरी विकास और ऊर्जा राज्य मंत्री रहे तानपुरे ने इस बदलाव के पीछे का कारण बताते हुए कहा कि वह पिछले कई वर्षों से विपक्ष में थे और उनके कार्यकर्ता अपने राजनीतिक अस्तित्व को लेकर चिंतित थे।

उन्होंने कहा, ‘मैंने एक बड़ा फैसला लिया है। यह सिर्फ मेरा फैसला नहीं है, बल्कि मेरे उन कार्यकर्ताओं का भी फैसला है जो हमेशा मेरे साथ खड़े रहे हैं। सत्ता से बाहर रहकर वर्षों के संघर्ष के बाद, उन्हें लगता है कि उनका राजनीतिक अस्तित्व खतरे में है। कहीं न कहीं, राजनीतिक कार्य सत्ता के समर्थन से ही चलता है।’

तानपुरे के भाजपा में शामिल होने से उनके प्रभाव वाले राहुरी और अहिल्यानगर क्षेत्र में भाजपा की स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।

भाषा तान्या वैभव

वैभव


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