राकांपा (शप) ने खरात के साथ तस्वीरों में दिख रहे नेताओं के खिलाफ जांच की मांग की

राकांपा (शप) ने खरात के साथ तस्वीरों में दिख रहे नेताओं के खिलाफ जांच की मांग की

राकांपा (शप) ने खरात के साथ तस्वीरों में दिख रहे नेताओं के खिलाफ जांच की मांग की
Modified Date: April 1, 2026 / 07:24 pm IST
Published Date: April 1, 2026 7:24 pm IST

मुंबई, एक अप्रैल (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)-शरदचंद्र पवार (शप) ने बुधवार को कुछ तस्वीरों में स्वयंभू बाबा अशोक खरात के साथ दिख रहे नेताओं के उनसे संबंधों की गहन जांच की मांग की।

वहीं, महाराष्ट्र सरकार में मंत्री अदिति तटकरे ने स्पष्ट किया कि इन तस्वीरों से यह साबित नहीं होता कि इन नेताओं ने खरात के कुकर्मों का समर्थन किया था।

अदिति ने यह भी कहा कि राज्य सरकार ने खरात के खिलाफ जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है और सच्चाई सामने आ जाएगी।

राकांपा (शप) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि खरात के साथ कई प्रमुख नेताओं की तस्वीरों को लेकर चर्चा जारी है और उन्होंने गहन जांच की मांग की।

उन्होंने अंधविश्वास के खिलाफ कानून को अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और चेतावनी दी कि धर्म के नाम पर दिए गए बयान सामाजिक कलह व तनाव उत्पन्न कर सकते हैं।

नासिक जिले की सिन्नर तहसील के मीरगांव में एक मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख खरात से कई प्रमुख नेता मिलने आते थे।

खरात को 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस के मुताबिक, 35 वर्षीय एक महिला ने खरात पर तीन साल की अवधि में बार-बार दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था।

खरात की गिरफ्तारी के बाद कई प्रमुख नेताओं के साथ उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही हैं।

खरात की गिरफ्तारी के बाद राकांपा नेता रूपाली चाकणकर ने पिछले महीने महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।

विपक्ष ने आरोपी के साथ संबंधों को लेकर रूपाली पर निशाना साधा था।

कुछ दिनों बाद उन्होंने पार्टी की महिला शाखा की प्रमुख के पद से भी इस्तीफा दे दिया।

मंत्री अदिति तटकरे ने पत्रकारों से कहा, “कोई भी नेता खरात के निंदनीय कृत्यों का समर्थन नहीं करता। उनके खिलाफ मामलों की जांच जारी है।”

महिला एवं बाल विकास मंत्री और राकांपा नेता अदिति तटकरे ने सार्वजनिक कार्यक्रमों में खरात के साथ देखे गए नेताओं की तस्वीरों से निष्कर्ष निकालने के खिलाफ भी चेतावनी दी।

उन्होंने कहा, “विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरें किसी भी गलत काम का समर्थन या पूर्व जानकारी होने का संकेत नहीं देती हैं। अगर किसी को भी ऐसे कृत्य की जानकारी होती, तो महाराष्ट्र का कोई भी राजनेता उस व्यक्ति के साथ संबंध नहीं रखता।”

अदिति ने कहा, “बिना सबूत के आरोप लगाना और व्यक्तियों का नाम लेना केवल आपसी मानहानि को बढ़ावा देता है।”

भाषा जितेंद्र पवनेश

पवनेश


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