मुंबई, 27 फरवरी (भाषा)महाराष्ट्र के स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने शुक्रवार को विधानसभा को आश्वासन दिया कि राज्य में कोई भी मराठी स्कूल बंद नहीं किया जाएगा बल्कि सरकार बेहतर बुनियादी ढांचे तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उन्हें मजबूत बनाने को प्रतिबद्ध है।
भुसे ने स्कूली शिक्षा विभाग के लिए पूरक मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि कई सदस्यों ने विद्यालयों की स्थिति, बुनियादी ढांचे की कमियों और शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम के कार्यान्वयन के संबंध में महत्वपूर्ण और रचनात्मक सुझाव दिए हैं।
उन्होंने कहा, “मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मराठी स्कूल बंद नहीं किए जाएंगे। इसके बजाय, हम गुणवत्ता में सुधार और आवश्यक सुविधाएं प्रदान करके उन्हें सुदृढ़ बनाने के लिए एक सुनियोजित योजना पर काम कर रहे हैं। विभाग गुणवत्तापूर्ण और आनंददायक शिक्षा के साथ-साथ पेयजल, शौचालय, स्कूल भवन, डिजिटल अवसंरचना और खेल के मैदान जैसी भौतिक सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए एक खाका तैयार कर रहा है।’’
वहीं, जलापूर्ति मंत्री गुलाबराव पाटिल ने सदन में जल के मुद्दे पर हुई बहस का जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने राज्य में स्वीकृत लगभग 50,000 जल आपूर्ति योजनाओं में से 26,000 से अधिक परियोजनाएं पूरी कर ली गई हैं।
उन्होंने कहा कि शेष योजनाएं कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं और सरकार ने उन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा का फैसला किया है जो अंतिम चरण में हैं।
पाटिल ने कहा, ‘‘लगभग 50,000 योजनाओं को मंजूरी दी गई थी और अब तक 26,000 से अधिक पूरी हो चुकी हैं। बाकी परियोजनाओं में प्रगति विभिन्न स्तरों पर है। 75 प्रतिशत से 99 प्रतिशत तक पूरी हो चुकी परियोजनाओं को निधि देने में पहली प्राथमिकता दी जाएगी। 50 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक पूरी हो चुकी योजनाओं को इसके बाद लिया जाएगा, जबकि 25 प्रतिशत से कम प्रगति वाली योजनाओं की समीक्षा की जाएगी।’’
पाटिल ने स्वीकार किया कि कुछ योजनाओं को तकनीकी और नियोजन संबंधी बाधाओं का सामना करना पड़ा।
भाषा धीरज पवनेश
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