रियो डी जेनेरियो, सात जून (भाषा) पश्चिम एशिया संघर्ष और ईंधन की उच्च कीमतों के कारण वैश्विक विमानन उद्योग का कुल शुद्ध मुनाफा 2026 में घटकर 23 अरब अमेरिकी डॉलर रहने का अनुमान है, जो पिछले शुद्ध मुनाफे का लगभग आधा है। उद्योग जगत की एयरलाइन संस्था आईएटीए ने रविवार को यह जानकारी दी।
विमानन का शुद्ध लाभ मार्जिन घटकर दो प्रतिशत रहने के आसार हैं।
अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ (आईएटीए) ने अपने वित्तीय दृष्टिकोण में यह भी कहा कि प्रति यात्री परिवहन पर शुद्ध लाभ 4.50 अमेरिकी डॉलर रहने की उम्मीद है, जो 2025 में हासिल किए गए 9.10 अमेरिकी डॉलर की तुलना में आधा है।
आईएटीए देश भर में करीब 370 से अधिक एयरलाइन का प्रतिनिधित्व करता है, जिनमें एअर इंडिया, इंडिगो, एअर इंडिया एक्सप्रेस, स्पाइसजेट और अकासा एयर शामिल हैं। इस समूह के सदस्य वैश्विक हवाई यातायात का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा संभालते हैं।
अनुमान है कि 2026 में एयरलाइन उद्योग की कुल आय 1165 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगी, जो 2025 में दर्ज की गई 1065 अरब अमेरिकी डॉलर की तुलना में 9.4 प्रतिशत अधिक है।
आईएटीए ने कहा, ‘‘उम्मीद है कि विमानन द्वारा 2026 में कुल मिलाकर 23 अरब अमेरिकी डॉलर का शुद्ध लाभ अर्जित किया जाएगा, जो पहले के अनुमानित 41 अरब अमेरिकी डॉलर का लगभग आधा है। यह 2025 के लिए अनुमानित 45 अरब अमेरिकी डॉलर के शुद्ध लाभ का भी लगभग आधा है।’’
इस वर्ष शुद्ध लाभ मार्जिन दो प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो पहले के 3.9 प्रतिशत अनुमान का लगभग आधा है। यह आंकड़ा 2025 के लिए अनुमानित 4.2 प्रतिशत के आधे से भी कम है।
आईएटीए के महानिदेशक विली वाल्श ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध संबंधी जटिलताओं और ईंधन की बढ़ती लागत ने एयरलाइन के लिए परिदृश्य को और भी खराब कर दिया है।
विली वाल्श ने आपूर्ति श्रृंखला की लगातार समस्याओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए विमान इंजन निर्माताओं से आग्रह किया कि वे विमानन कंपनियों से मनमानी कीमत वसूलना बंद करें।
भाषा यासिर नरेश
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