जरांगे के धरना स्थल के निकट ओबीसी कार्यकर्ताओं ने शुरू की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

जरांगे के धरना स्थल के निकट ओबीसी कार्यकर्ताओं ने शुरू की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

जरांगे के धरना स्थल के निकट ओबीसी कार्यकर्ताओं ने शुरू की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल
Modified Date: September 6, 2026 / 06:43 pm IST
Published Date: September 6, 2026 6:43 pm IST

जालना, छह सितंबर (भाषा) महाराष्ट्र के जालना जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के कार्यकर्ताओं ने रविवार को मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे के धरना स्थल से कुछ मीटर की दूरी पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की।

यह हड़ताल अंतरवाली सराटी गांव में जरांगे के अनिश्चितकालीन अनशन के नौवें दिन शुरू हुई। बताया जा रहा है कि मराठा समुदाय को ओबीसी का दर्जा देने की मांग को लेकर जरांगे ने चिकित्सा सहायता, पानी और नसों के जरिए दिए जाने वाले तरल पदार्थ (आईवी फ्लूइड) लेने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई है।

जरांगे मराठा समुदाय को ओबीसी वर्ग में आरक्षण देने की मांग कर रहे हैं। उनकी मांगों में हैदराबाद गजट और सतारा गजट के रिकॉर्ड लागू करना तथा पात्र मराठा समुदाय के लोगों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र जारी करना शामिल है।

कुनबी एक पारंपरिक कृषि समुदाय है, जिसे आधिकारिक रूप से ओबीसी वर्ग में शामिल किया गया है। इसके कारण उन्हें शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ मिलता है।

ओबीसी कार्यकर्ताओं मंगेश ससाने, विट्ठल तलेकर, सतीश कुलाल और बाबासाहेब बतुले ने अंतरवाली सराटी गांव के सोनिया नगर में भूख हड़ताल शुरू की।

उन्होंने कहा कि उनके आंदोलन का उद्देश्य ओबीसी समुदाय के संवैधानिक अधिकारों और आरक्षण की रक्षा करना है।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान ससाने ने आरोप लगाया कि जरांगे आंदोलन के जरिए राज्य सरकार पर दबाव बनाया जा रहा है और इससे ओबीसी समुदाय के आरक्षण पर असर पड़ने की आशंका पैदा हो गई है।

उन्होंने कहा, “अब तक मराठा समुदाय के लोगों को करीब 22 लाख जाति प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल और विधान परिषद सदस्य प्रसाद लाड हर संभव मदद कर रहे हैं। हम अपने अधिकारों और हिस्से की रक्षा के लिए संवैधानिक तरीके से विरोध कर रहे हैं।”

इस बीच, जरांगे के सहयोगियों ने दावा किया कि कार्यकर्ता की हालत काफी बिगड़ गई है।

बताया जा रहा है कि वह पिछले दो दिनों से चिकित्सा उपचार, नसों के जरिए दिए जाने वाले तरल पदार्थ और पानी लेने से इनकार कर रहे हैं। वह राज्य सरकार द्वारा पहले दिए गए आश्वासनों को लागू करने में देरी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।

इससे पहले जरांगे ने चेतावनी दी थी कि यदि सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती है तो वह आंदोलन तेज करने के लिए मुंबई तक मार्च करेंगे।

दोनों प्रदर्शन पास-पास होने के कारण पुलिस ने इलाके में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं ताकि ओबीसी और मराठा प्रदर्शनकारियों के बीच किसी तरह का टकराव न हो।

भाषा जोहेब नरेश

नरेश


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