विहिप का गरबा ‘फरमान’ असंवैधानिक: राकांपा (शप)

विहिप का गरबा ‘फरमान’ असंवैधानिक: राकांपा (शप)

विहिप का गरबा ‘फरमान’ असंवैधानिक: राकांपा (शप)
Modified Date: September 6, 2026 / 02:40 pm IST
Published Date: September 6, 2026 2:40 pm IST

मुंबई, छह सितंबर (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) ने रविवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के उस आह्वान की कड़ी आलोचना की, जिसमें नवरात्र के दौरान गरबा आयोजनों में मुसलमानों के शामिल होने पर रोक लगाने की बात कही गई है। पार्टी ने इसे ‘‘असंवैधानिक’’ करार देते हुए इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया।

विहिप ने घोषणा की है कि आगामी नवरात्र उत्सव के दौरान राज्यभर में आयोजित होने वाले ‘गरबा’ और ‘डांडिया’ कार्यक्रमों में मुसलमानों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। उसने आयोजकों के लिए कुछ ‘‘दिशानिर्देश’’ भी जारी किए हैं, जिनमें प्रतिभागियों की पहचान की पुष्टि के लिए उनके आधार कार्ड की जांच करने और उनके माथे पर ‘तिलक’ लगाने की बात कही गई है।

नवरात्र उत्सव 11 अक्टूबर से शुरू होगा।

विहिप के इस फैसले को असंवैधानिक बताते हुए राकांपा (शप) के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने कहा, ‘‘हम ऐसे समाज में रहते हैं, जहां लोग शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से एक-दूसरे के साथ रहते आए हैं। विहिप का यह फरमान इस माहौल को बिगाड़ने वाला है।’’

क्रास्टो ने एक बयान में सवाल किया कि क्या राज्य सरकार ‘‘मूकदर्शक’’ बनी रहेगी और इस दक्षिणपंथी संगठन को महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था तय करने की अनुमति देगी।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को विहिप के इस फरमान के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करके महाराष्ट्र की जनता को यह संदेश देना चाहिए कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।’’

भाषा गोला संतोष

संतोष


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