प्याज किसानों ने केंद्र से 10,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज और स्थिर निर्यात नीति की मांग की

प्याज किसानों ने केंद्र से 10,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज और स्थिर निर्यात नीति की मांग की

प्याज किसानों ने केंद्र से 10,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज और स्थिर निर्यात नीति की मांग की
Modified Date: May 31, 2026 / 09:48 am IST
Published Date: May 31, 2026 9:48 am IST

नासिक, 31 मई (भाषा) महाराष्ट्र के प्याज किसानों ने केंद्र सरकार से 10,000 करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज की घोषणा करने का आग्रह किया है, उनका दावा है कि बार-बार निर्यात पर प्रतिबंध, प्राकृतिक आपदाओं और कीमतों में गिरावट ने उन्हें गंभीर वित्तीय संकट में धकेल दिया है।

महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक किसान संघ के संस्थापक-अध्यक्ष भरत दिघोले ने कहा कि किसानों को वर्षों से भारी नुकसान उठाना पड़ा है जिसके लिए उन्होंने कथित दोषपूर्ण निर्यात नीतियों, नकली बीज, भंडारण में होने वाले नुकसान और अन्य कारकों को कारण बताया।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 2019, 2020 और 2023-24 में निर्यात पर प्रतिबंध लगाने, 40 प्रतिशत निर्यात शुल्क लगाने और अलग-अलग समय पर 850 डॉलर और 550 डॉलर प्रति टन का न्यूनतम निर्यात मूल्य निर्धारित करने के निर्णयों से प्याज किसानों को भारी नुकसान हुआ है।

उन्होंने एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा घरेलू बाजार में भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लिमिटेड (नेफेड) और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ) के माध्यम से कम दरों पर बफर प्याज भंडार जारी करने के कदम से रसोई की इस आवश्यक वस्तु की कीमतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा और किसानों को काफी वित्तीय नुकसान हुआ।

नेफेड और एनसीसीएफ केंद्रीय एजेंसियां ​​हैं जिन्हें प्याज के बफर भंडार की खरीद और रखरखाव का कार्य सौंपा गया है।

इसमें दावा किया गया कि प्याज उत्पादकों को अत्यधिक वर्षा, ओलावृष्टि, बेमौसम बारिश, बाढ़, सूखा, नकली बीज और फसल रोगों सहित कई कारकों के कारण भी नुकसान हुआ जबकि जिन किसानों ने 2025 में प्याज का भंडारण किया और 2026 में बेचा, उन्हें बेहद कम कीमतें मिलीं।

संगठन ने मांग की है कि किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाए। संगठन ने बताया कि महाराष्ट्र के लगभग 30 जिलों में प्याज की खेती की जाती है।

दिघोले ने कहा, “उपभोक्ता कल्याण के नाम पर प्याज उत्पादक किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाने वाली नीतियां बंद होनी चाहिए। केंद्र सरकार को तत्काल 10,000 करोड़ रुपये के विशेष प्याज आर्थिक पैकेज की घोषणा करनी चाहिए।”

भाषा सुरभि अमित

अमित


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