पुणे: आदिवासी छात्रों के आंदोलन के 13वें दिन प्रदर्शन स्थल पहुंचे विपक्षी नेता, सरकार पर साधा निशाना

पुणे: आदिवासी छात्रों के आंदोलन के 13वें दिन प्रदर्शन स्थल पहुंचे विपक्षी नेता, सरकार पर साधा निशाना

पुणे: आदिवासी छात्रों के आंदोलन के 13वें दिन प्रदर्शन स्थल पहुंचे विपक्षी नेता, सरकार पर साधा निशाना
Modified Date: August 25, 2026 / 05:39 pm IST
Published Date: August 25, 2026 5:39 pm IST

पुणे, 25 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र में विपक्षी नेताओं ने सरकार पर पुणे में 13 दिन से जारी आदिवासी छात्रों के आंदोलन को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। मंगलवार को भूख हड़ताल पर बैठे छह प्रदर्शनकारियों में से एक की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

कई अन्य छात्र भी मंजरी इलाके के आदिवासी सरकारी छात्रावास में धरने पर बैठे रहे।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार और वंचित बहुजन आघाडी के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर के बेटे सुजात आंबेडकर समेत कई राजनीतिक नेता प्रदर्शन स्थल पहुंचे और छात्रों का समर्थन किया।

एक दिन पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भूख हड़ताल कर रहे आदिवासी छात्रों की समस्याओं पर ध्यान देने की अपील की थी।

गांधी ने फडणवीस को पत्र लिखकर उनसे प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और उनकी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करने की अपील की। छात्रों की मांगों में सरकारी छात्रावास में रहने के लिए 30 साल की उम्र सीमा जैसी कड़ी शर्तों में ढील देना भी शामिल है।

मंगलवार को राकांपा (शप) की सांसद सुप्रिया सुले ने छात्रों से फोन पर बात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।

छात्र महाराष्ट्र सरकार के आदिवासी छात्रावास से जुड़े शासकीय आदेश को वापस लेने और संशोधित आदेश जारी करने की मांग कर रहे हैं।

रविवार को छात्रों ने पुणे में छात्राओं के लिए सुरक्षित व सभी सुविधाओं से लैस केंद्रीय छात्रावास भवन की मांग तथा छात्रावासों में खाली पदों को तुरंत भरने की मांग को लेकर रैली निकाली थी।

अन्य मांगों में हॉस्टल परिसर में सुरक्षा गार्ड और सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति भी शामिल है।

भाषा जोहेब रंजन

रंजन


लेखक के बारे में