पुणे पोर्श दुर्घटना मामला: नाबालिग ने 15 दिन का ‘सेफ ड्राइविंग प्रोग्राम’ पूरा किया
पुणे पोर्श दुर्घटना मामला: नाबालिग ने 15 दिन का ‘सेफ ड्राइविंग प्रोग्राम’ पूरा किया
पुणे, 18 अगस्त (भाषा) पुणे में 19 मई को नशे की हालत में अपनी पोर्श कार से मोटरसाइकिल सवार दो लोगों को टक्कर मारने के आरोपी नाबालिग ने अदालत के आदेश के अनुसार 15 दिनों के ‘सेफ ड्राइविंग प्रोग्राम’ पूरा किया। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।
पुणे के कल्याणी नगर में हुई इस दुर्घटना में मध्य प्रदेश के दो आईटी पेशेवरों की मौत हो गई थी। इस घटना से देशभर में व्यापक आक्रोश फैल गया था। इसका एक कारण यह था कि आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड से आसान शर्तों पर जमानत मिल गई थी और दूसरा कारण यह था कि पुलिस जांच में पाया गया था कि उसके रिश्तेदारों और कुछ चिकित्सकों ने मामले को छिपाने का प्रयास किया था।
किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) द्वारा जमानत पर रिहा किए जाने के समय उसपर जो शर्तें रखी गई थीं उनमें सड़क दुर्घटनाओं पर 300 शब्दों का निबंध लिखना तथा यातायात नियमों का अध्ययन करने के लिए आरटीओ की मदद लेना शामिल था।
आरटीओ के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया, “नाबालिग आरोपी ने आरटीओ के साथ ‘सेफ ड्राइविंग प्रोग्राम’ पूरा किया। अदालत के दिशा-निर्देशों के अनुसार इस प्रक्रिया को गोपनीय रखा गया क्योंकि इससे नाबालिग की निजता प्रभावित हो सकती थी।”
अधिकारी ने बताया, “प्रशिक्षण कार्यक्रम में सड़क पर वाहन चलाने के सुरक्षा उपाय, ड्राइविंग लाइसेंस का महत्व, सड़क संकेतों और प्रतीकों का अर्थ तथा अन्य गतिविधियां शामिल थीं। इस प्रक्रिया के दौरान नाबालिग को व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए भी ले जाया गया।”
अन्य अधिकारियों ने बताया कि नाबालिग ने पहले ही 300 शब्दों का निबंध प्रस्तुत कर दिया है।
भाषा
शुभम प्रशांत
प्रशांत

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