पुणे दुष्कर्म-हत्या मामला: अदालत ने 65 वर्षीय व्यक्ति को दोषी ठहराया, 29 जून को सजा सुनाई जाएगी
पुणे दुष्कर्म-हत्या मामला: अदालत ने 65 वर्षीय व्यक्ति को दोषी ठहराया, 29 जून को सजा सुनाई जाएगी
पुणे, 26 जून (भाषा) पुणे की एक विशेष अदालत ने नसरापुर गांव में तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या करने के मामले में 65 वर्षीय व्यक्ति को दोषी ठहराया है। अदालत इस मामले में 29 जून को सजा सुनाएगी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश) एस. आर. सालुंखे ने आरोपी भीमराव कांबले को अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के लिए दोषी ठहराया।
विशेष लोक अभियोजक अजय मिसर ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने अपहरण, छेड़छाड़, दुष्कर्म और हत्या के साथ-साथ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की कई धाराओं के तहत लगाए गए सभी आरोपों को अदालत में साबित किया।
सुनवाई के बाद मिसर ने संवाददाताओं से कहा, “अदालत ने माना है कि अभियोजन पक्ष सभी आरोप साबित करने में पूरी तरह सफल रहा। आरोपी ने अपराध से इनकार करते हुए दावा किया था कि बच्ची को मवेशी का बच्चा दिखाते समय फिसल कर गिर जाने से चोटें आई थीं, लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों ने उसके इस दावे को झूठा साबित कर दिया।”
उन्होंने बताया कि अभियोजन पक्ष ने अदालत में यह दलील देने के लिए उच्चतम न्यायालय के 12 ऐतिहासिक फैसलों का सहारा लिया कि यह मामला ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ श्रेणी में आता है।
मिसर ने कहा, “हमने अदालत के सामने पीड़िता की कम उम्र और उस पर 39 मिनट तक लगातार किए गए बर्बर हमले का विवरण रखा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के शरीर पर 18 चोटों के निशान पाए गए थे।”
उन्होंने कहा कि ऐसे पुख्ता साक्ष्य मिले हैं जिनसे यह साबित हुआ कि आरोपी ने ही बच्ची के साथ यह हैवानियत की थी।
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि अदालत ने सीसीटीवी फुटेज, डीएनए प्रोफाइलिंग, चिकित्सीय साक्ष्य, यौन क्षमता (पोटेंसी) परीक्षण और मानसिक स्थिति (साउंडनेस) परीक्षण को पूरी तरह प्रमाणित मानते हुए साक्ष्य के रूप में स्वीकार कर लिया।
मिसर ने यह भी बताया कि जिन बच्चों ने आरोपी को बच्ची को अपने साथ ले जाते हुए देखा था, उन्होंने पहचान परेड के दौरान भी आरोपी की स्पष्ट पहचान की।
सरकारी अधिवक्ता ने अदालत से आरोपी के लिए मौत की सजा का अनुरोध करते हुए कहा कि कांबले के “सुधरने या समाज में पुनर्वास की कोई संभावना नहीं है।”
उन्होंने दलील दी, “उसके खिलाफ पहले भी 62 वर्षीय एक महिला, 17 वर्षीय एक किशोरी और एक मवेशी से जुड़े अपराधों के मामले दर्ज हैं, और अब उसने इस मासूम बच्ची को अपना शिकार बनाया है। वह समाज के लिए एक बड़ा खतरा है और यदि उसे छोड़ भी दिया जाए, तो उसे जीवित रहने का कोई अधिकार नहीं है।”
मिसर ने बताया कि अदालत ने अब इस मामले में सजा पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है और 29 जून को यह तय करेगी कि आरोपी को मृत्युदंड दिया जाए या आजीवन कारावास।
यह घटना एक मई को अपराह्न तीन बजे से चार बजे के बीच हुई थी। आरोप है कि कांबले पुणे जिले के नसरापुर गांव में बच्ची को खाने की चीजें दिलाने और मवेशी का बच्चा (बछड़ा) दिखाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया था। वह उसे मवेशियों के बाड़े के पास एक शेड में ले गया, जहां उसने बच्ची का यौन शोषण किया और फिर उसका मुंह दबाकर व छाती पर गंभीर चोटें पहुंचाकर उसकी हत्या कर दी थी।
भाषा खारी मनीषा
मनीषा

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