रामानंद सागर के बेटे आनंद सागर चोपड़ा का 84 वर्ष की आयु में निधन
रामानंद सागर के बेटे आनंद सागर चोपड़ा का 84 वर्ष की आयु में निधन
मुंबई, 14 फरवरी (भाषा) ‘रामायण’ के निर्माण से घर-घर में पहचाने जाने वाले दिग्गज फिल्म निर्माता रामानंद सागर के बेटे आनंद रामानंद सागर चोपड़ा का लंबी बीमारी के बाद यहां निधन हो गया। उनकी पत्नी निशा सागर चोपड़ा ने यह जानकारी दी।
वह 84 वर्ष के थे।
निशा सागर ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘उन्होंने कल पूर्वाह्न 10:37 बजे अंतिम सांस ली। पूरा परिवार उनके साथ था। वह एक नेक इंसान थे और बेहद मृदुभाषी थे। उन्होंने कभी किसी पर गुस्सा नहीं किया। यह सभी के लिए एक बड़ी क्षति है।’’
निशा सागर ने बताया कि उनके पति पिछले 25 वर्ष से पार्किंसन से पीड़ित थे।
उन्होंने कहा, “उस स्थिति में भी उन्होंने एनडीटीवी के लिए ‘रामायण’ बनाई, जिसका उन्होंने निर्देशन किया था। पिछले दो वर्ष से उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी पार्किंसन की बीमारी गंभीर चरण में थी।’’
उन्होंने बताया ‘पिछले कुछ महीने में उनके शरीर में संक्रमण हो गया था, जिससे वह उबर नहीं सके तथा वह पिछले कुछ महीनों से बिस्तर पर थे। पार्किंसन के बढ़ने और शरीर में संक्रमण होने की वजह से उनका निधन हो गया।”
आनंद सागर चोपड़ा का जन्म तीन सितंबर 1941 को हुआ था। उन्होंने पांच फिल्मों का निर्माण किया था, जिनमें रणधीर कपूर और तनुजा अभिनीत ‘हमराही’, अमजद खान, विद्या सिन्हा, सारिका और राकेश रोशन अभिनीत ‘राम भरोसे’ तथा शम्मी कपूर की ‘अरमान’ शामिल हैं।
उन्होंने फिल्म ‘प्यारा दुश्मन’ के ‘हरि ओम हरि’ और ‘अरमान’ फिल्म के ‘रंबा हो सांबा हो’ जैसे गीतों का भी निर्देशन किया था। इन गीतों को बप्पी लाहिड़ी और उषा उत्थुप ने गाया था। ये डिस्को गीत काफी लोकप्रिय हुए थे।
आनंद सागर ने ‘रामायण’, ‘शिर्डी के साईंबाबा’ और कई कार्यक्रमों का भी निर्देशन किया था।
‘रामायण’ के मुख्य अभिनेता अरुण गोविल ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर अपने ‘प्रिय मित्र’ को याद किया।
गोविल ने कहा, “मुंबई में 84 वर्ष की आयु में आनंद रामानंद सागर चोपड़ा जी के निधन की खबर अत्यंत हृदयविदारक है। वह न केवल एक संवेदनशील और नेक व्यक्तित्व के धनी थे बल्कि एक कुशल निर्देशक के रूप में उन्होंने भारतीय टेलीविजन और सिनेमा की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी।”
टीवी कार्यक्रम ‘रामायण’ में भगवान राम की भूमिका निभाने वाले अभिनेता गोविल ने कहा कि आनंद सागर चोपड़ा के साथ काम करना उनके जीवन का सबसे ‘सुखद और अविस्मरणीय’ अनुभव था।
गोविल ने कहा, “मैं भगवान श्री राम जी से प्रार्थना करता हूं कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।”
आनंद सागर का अंतिम संस्कार शुक्रवार शाम उपनगरीय मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट में किया गया। परिवार सोमवार को एक प्रार्थना सभा आयोजित करेगा।
आनंद सागर के परिवार में उनकी पत्नी और तीन बच्चे हैं।
भाषा
प्रचेता जोहेब
जोहेब

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