शिवसेना (उबाठा) के बागी सांसदों को 10-10 करोड़ रुपये और दिये गये: राउत
शिवसेना (उबाठा) के बागी सांसदों को 10-10 करोड़ रुपये और दिये गये: राउत
(फोटो के साथ)
मुंबई, 18 जून (भाषा) शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के नेता संजय राउत ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि उनकी पार्टी के बागी सांसदों को 10-10 करोड़ रुपये और दिए गए हैं और उन्हें राजस्थान में एक सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है।
राउत ने नयी दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में शिवसेना (उबाठा) के बागी सांसदों का संदर्भ देते हुए कहा कि ‘गद्दारों’ को पुलिस सुरक्षा दी गई है। उन्होंने मांग की कि सांसदों को दी गई सुरक्षा वापस ली जाए।
वहीं, महाराष्ट्र पुलिस ने बृहस्पतिवार को कहा कि शिवसेना (उबाठा) के बागी छह सांसदों को ‘वाई-प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है।
राउत ने चेतावनी दी कि पार्टी बागी सांसदों के खिलाफ ‘ऑपरेशन तुड़वा’ शुरू करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘शिवसेना (उबाठा) के बागी सांसदों को अतिरिक्त 10-10 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इससे पहले उन्हें 15-15 करोड़ रुपये दिये गये थे। वे दिल्ली से राजस्थान में एक सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं।’’
राज्यसभा सदस्य ने बृहस्पतिवार को संवाददाता सम्मेलन में फिर से अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने पहले आरोप लगाया था कि सांसदों को पाला बदलने के लिए 50 करोड़ रुपये की पेशकश की जा रही है।
राउत ने मांग की कि बागी सांसद इस्तीफा दें और दोबारा चुनाव लड़कर जनादेश हासिल करें। उन्होंने कहा कि शिवसेना (उबाठा) के कार्यकर्ताओं ने उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत की है।
उन्होंने कहा, ‘‘यदि उनमें थोड़ी भी नैतिकता बची है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।’’
इससे पहले दिन में शिवसेना (उबाठा) के नौ लोकसभा सदस्यों में से छह बृहस्पतिवार को नयी दिल्ली में हुई उसके संसदीय दल की बैठक में शामिल नहीं हुए जिससे पार्टी में विभाजन के संकेत स्पष्ट हो गए और अनुपस्थित सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की संभावना प्रबल हो गई।
शिवसेना (उबाठा) के सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे बैठक में शामिल हुए। पार्टी के एकमात्र राज्यसभा सदस्य संजय राउत भी बैठक में मौजूद थे। शेष छह सांसदों की गैर मौजूदगी ने पार्टी के संसदीय दल में विभाजन की लगभग पुष्टि कर दी।
बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसद नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे हैं।
बैठक के बाद सावंत ने संवाददाताओं से कहा कि इन छह सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे।
भाषा
देवेंद्र पवनेश
पवनेश

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