फडणवीस को महिलाओं के विरूद्ध बढ़ते अपराध को लेकर माफी मांगनी चाहिए: संजय राउत

फडणवीस को महिलाओं के विरूद्ध बढ़ते अपराध को लेकर माफी मांगनी चाहिए: संजय राउत

फडणवीस को महिलाओं के विरूद्ध बढ़ते अपराध को लेकर माफी मांगनी चाहिए: संजय राउत
Modified Date: May 3, 2026 / 10:25 pm IST
Published Date: May 3, 2026 10:25 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

मुंबई, तीन मई (भाषा) शिवसेना (उबाठा) के नेता संजय राउत ने पुणे जिले में चार साल की बच्ची से बलात्कार के बाद उसकी हत्या को लेकर महाराष्ट्र सरकार की आलोचना करते हुए रविवार को कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाने में विफल रहने के लिए माफी मांगनी चाहिए।

राउत ने यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान दावा किया कि फडणवीस के मुख्यमंत्री बनने के बाद से महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ गए हैं और राज्य में कानून व्यवस्था बिगड़ गई है क्योंकि वह गृह मंत्री के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं कर रहे हैं।

राउत ने कहा कि फडणवीस चुनाव प्रचार के लिए पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरल जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी गंभीर है लेकिन मुख्यमंत्री राजनीति में व्यस्त हैं।

राउत ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर ‘मिसिंग लिंक’ के उद्घाटन (एक मई को) के दौरान हुई यातायात जाम के लिए माफी मांगी, लेकिन उन्हें महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने में विफलता के लिए माफी मांगनी चाहिए।’’

राज्यसभा सदस्य ने कहा कि राज्य की महिलाओं को सरकार के खिलाफ विद्रोह करना चाहिए और विपक्ष को सड़क पर उतरना चाहिए।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस का इस्तेमाल राजनीतिक संरक्षण के लिए किया जा रहा है।

पुणे जिले में भोर तहसील के एक गांव में शुक्रवार को चार वर्षीय एक बच्ची का यौन उत्पीड़न करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। इस मामले में आपराधिक रिकॉर्ड वाले 65 वर्षीय मजदूर को गिरफ्तार किया गया है।

राउत ने परभणी से पार्टी सांसद संजय जाधव द्वारा शनिवार को दिये गए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी।

जाधव ने कहा था कि जिन्होंने उन्हें इतना बड़ा मुकाम दिलाया, उनके साथ विश्वासघात करना उनकी फितरत नहीं है, लेकिन वह कल की परिस्थितियों के बारे में कुछ नहीं कह सकते। इसी वजह से यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि उनके और उनकी पार्टी के बीच सब कुछ ठीक नहीं है।

राउत ने जाधव के बयान पर कहा,‘‘मुझे नहीं लगता कि इस बयान को कोई महत्व दिया जाना चाहिए। मुश्किल समय में बालासाहेब ठाकरे और उद्धव ठाकरे के साथ खड़े रहने का उनका रिकॉर्ड है। अगर उन्होंने ऐसा बयान दिया है, तो हम उनसे उनके बयान के पीछे के संदर्भ पर बात करेंगे।’’

भाषा

राजकुमार धीरज

धीरज


लेखक के बारे में