खर्च में कटौती की प्रधानमंत्री की अपील के बाद शरद पवार ने सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की

खर्च में कटौती की प्रधानमंत्री की अपील के बाद शरद पवार ने सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की

खर्च में कटौती की प्रधानमंत्री की अपील के बाद शरद पवार ने सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की
Modified Date: May 12, 2026 / 04:40 pm IST
Published Date: May 12, 2026 4:40 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

मुंबई, 12 मई (भाषा) राकांपा (शप) प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार को कहा कि देशवासियों से खर्चों में कटौती करने की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील का अर्थव्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव पड़ने की आशंका है। उन्होंने प्रधानमंत्री से पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से उपजी स्थिति पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया।

पवार ने एक बयान में कहा कि अचानक की गई अपील से आम नागरिकों, व्यवसायों, औद्योगिक क्षेत्रों और निवेशकों में बेचैनी पैदा हो गई है।

उन्होंने कहा कि इस समय जनता का विश्वास बहाल करना और देश में स्थिरता बनाए रखना सरकार की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर देते हुए कि केंद्र सरकार लोगों को पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रतिकूल प्रभाव से बचाने की कोशिश कर रही है, जनता से अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ईंधन का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने और सोने की खरीद तथा विदेश यात्रा से बचने सहित अन्य उपायों पर अमल का आह्वान किया है।

पवार ने कहा कि “पश्चिम एशिया में अस्थिर और युद्ध जैसी स्थिति” की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री ने दो दिन पहले कुछ घोषणाएं कीं, जिनका देश की अर्थव्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव पड़ने की आशंका है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरदचंद्र पवार (राकांपा-एसपी) प्रमुख ने इस मुद्दे को गंभीर चिंता का विषय करार देते हुए कहा कि राष्ट्रीय महत्व से जुड़े मामलों में फैसले सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से परामर्श करने के बाद ही लिए जाने चाहिए।

पवार ने कहा, “प्रधानमंत्री को अपनी अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए और राष्ट्रीय हित में निर्णय लेते समय सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लेना चाहिए।”

उन्होंने केंद्र से मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थिति को देखते हुए भविष्य के नीतिगत उपायों पर अधिक संवेदनशीलता के साथ काम करने और व्यापक परामर्श करने का भी आह्वान किया।

पवार ने कहा, “इस समय लोगों में विश्वास जगाना और देश में स्थिरता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”

भाषा पारुल नरेश

नरेश


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