शीतल तेजवानी ने पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिये मुंडवा में सरकारी भूमि की बिक्री की : ईओडब्ल्यू

शीतल तेजवानी ने पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिये मुंडवा में सरकारी भूमि की बिक्री की : ईओडब्ल्यू

शीतल तेजवानी ने पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिये मुंडवा में सरकारी भूमि की बिक्री की : ईओडब्ल्यू
Modified Date: February 2, 2026 / 08:20 pm IST
Published Date: February 2, 2026 8:20 pm IST

पुणे, दो फरवरी (भाषा) शीतल तेजवानी ने सरकारी जमीन होने की जानकारी होने के बावजूद पुणे के मुंडवा क्षेत्र में स्थित बेशकीमती जमीन पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिये दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार की सह-स्वामित्व वाली एक कंपनी को बेचने में मदद की।

पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की ओर से मामले में दाखिल आरोप पत्र में यह दावा किया गया है।

जमीन के सौदे के संबंध में हस्ताक्षरकर्ताओं और विक्रेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, लेकिन पार्थ पवार को नामजद नहीं किया गया था।

पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने सोमवार को बताया कि आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने शीतल तेजवानी के खिलाफ 28 जनवरी को 1,886 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था।

उन्होंने बताया कि अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी के सह-मालिक दिग्विजय पाटिल और निलंबित तहसीलदार सूर्यकांत येओले के खिलाफ जांच जारी है।

आरोप पत्र में दावा किया गया है कि तेजवानी ने यह जानते हुए कि 40 एकड़ जमीन सरकारी संपत्ति है अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी को बेच दी।

इस 40 एकड़ जमीन की कथित तौर पर 300 करोड़ रुपये में बिक्री हुई थी और अनियमितताओं और आवश्यक मंजूरी के अभाव के आरोपों के बाद मामले की जांच शुरू की गई।

विपक्षी नेताओं का आरोप है कि जमीन का बाजार मूल्य 1,800 करोड़ रुपये है।

आरोप है कि कंपनी को 21 करोड़ रुपये के स्टांप शुल्क का भुगतान करने से भी छूट दी गई थी।

पुलिस के मुताबिक तेजवानी के पास जमीन के 272 ‘मूल वतनदारों’ के लिए पावर ऑफ अटॉर्नी थी। उसने यह जानते हुए भी कि जमीन सरकार की है और बेची नहीं जा सकती, बिक्री विलेख निष्पादित किया और संपत्ति को अमाडिया एंटरप्राइजेज एलएलपी को बेच दिया।

भाषा धीरज संतोष

संतोष


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