शिंदे ने साधा उद्धव-राज पर निशाना, कहा: ब्रांड से प्रभावित नहीं होते लोग
शिंदे ने साधा उद्धव-राज पर निशाना, कहा: ब्रांड से प्रभावित नहीं होते लोग
ठाणे, 10 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि अब मतदाता तथाकथित ‘‘ब्रांड’’ नेताओं से प्रभावित नहीं होते, बल्कि उन नेताओं का साथ देते हैं जो विकास करते हैं।
ठाणे जिले में होने वाले नगर निकाय चुनावों के लिए शुक्रवार को एक रैली को संबोधित करते हुए शिवसेना नेता शिंदे ने कहा कि महायुति सरकार प्रभावी ढंग से काम कर रही है और यह ऐसी सरकार की तरह काम नहीं कर रही जो कामकाज बार-बार स्थगित करती रहती हो।
उन्होंने कहा, ‘‘आने वाले कल्याण-डोंबिवली नगर निगम चुनाव (केडीएमसी) में मतदाता राजनीतिक ब्रांडिंग से आगे बढ़कर काम और विकास को समर्थन देंगे।’’
शिंदे ने बताया कि कल्याण-डोंबिवली नगर निगम चुनाव से पहले ही 21 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं, जिससे साफ है कि विपक्ष महायुति के उम्मीदवारों को चुनौती देने की स्थिति में नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उम्मीदवारों को प्रभावित करने की कोशिशें जरूर हुईं, लेकिन जनता का फैसला साफ तौर पर विकास के पक्ष में है।
कल्याण-डोंबिवली को महायुति का गढ़ बताते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि इस इलाके के मतदाताओं ने सांसद श्रीकांत शिंदे को तीन बार चुनकर गठबंधन पर बार-बार भरोसा जताया है।
उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र और राज्य में स्थिर सरकार होने से विकास परियोजनाओं को लागू करने में कोई बाधा नहीं है।’’
उन्होंने विश्वास जताया कि गठबंधन केडीएमसी पर भगवा झंडा फहराएगा।
शिंदे ने पड़ोसी उल्हासनगर कस्बे में एक अन्य चुनावी रैली को संबोधित करते हुए स्थानीय निवासियों को आश्वासन दिया कि कस्बे की सभी खतरनाक इमारतों का क्लस्टर विकास के जरिए पुनर्विकास किया जाएगा।
उल्हासनगर कस्बे में सिंधी समुदाय का प्रभुत्व है।
शिंदे ने मराठी एवं सिंधी समुदायों के बीच एकता पर जोर दिया और इसे शहर की प्रगति का आधार बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘उल्हासनगर में मराठी और सिंधी भाई मिलकर काम कर रहे हैं। यह रिश्ता दूध में घुली चीनी जैसा है।’’
शिंदे ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान उल्हासनगर में करीब 1,400 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
महिलाओं के लिए ‘लाडकी बहीण’ वित्तीय सहायता योजना की बात करते हुए शिंदे ने कहा कि इसे किसी भी स्थिति में बंद नहीं किया जाएगा, क्योंकि इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं किसान परिवार से आता हूं और मैंने गरीबी देखी है। मैं आम आदमी का दर्द समझता हूं।’’
भाषा सिम्मी अविनाश
अविनाश

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