महिला विधायकों के खिलाफ ‘अभद्र भाषा’ को लेकर शिवसेना सांसद ने राउत पर कार्रवाई की मांग की
महिला विधायकों के खिलाफ ‘अभद्र भाषा’ को लेकर शिवसेना सांसद ने राउत पर कार्रवाई की मांग की
मुंबई, 26 जून (भाषा) शिवसेना सांसद ज्योति वाघमारे ने अपनी पार्टी की महिला जनप्रतिनिधियों के खिलाफ कथित रूप से अपमानजनक और अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत दर्ज करायी है।
राउत ने यह कहते हुए आरोप से इनकार किया है कि उन्होंने केवल गद्दार को गद्दार कहा था।
यह शिकायत ऐसे समय में की गई है जब संजय राउत और हाल ही में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए सांसद संजय दीना पाटिल के बीच बयानबाजी जारी है।
राउत ने बृहस्पतिवार को मुंबई पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर पाटिल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पाटिल ने शिवसेना (यूबीटी) छोड़ने के उनके फैसले का विरोध करने वालों को कथित रूप से धमकी दी है।
वाघमारे ने आरोप लगाया कि शिंदे गुट के अलग होने के बाद पिछले चार वर्षों में राउत ने कई बार महिला नेताओं के बारे में अशोभनीय और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया है।
उन्होंने दावा किया कि राउत ने शिवसेना की महिला जनप्रतिनिधियों को ‘‘वेश्याएं’’ तक कहा था और एक महिला पार्टी कार्यकर्ता को कथित रूप से ‘‘धमकाने’’ की उनकी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सार्वजनिक हुई थी।
महिला सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि राउत राजनीतिक विरोधियों को ‘‘सांड’’ कहकर संबोधित करते हैं और ‘‘सिर्फ उनके शव वापस आएंगे’’ जैसे भड़काऊ बयान देते हैं, जिससे राज्य की कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
इस बीच, राउत ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने केवल ‘‘गद्दारों को गद्दार’’ कहा है। राज्यसभा सदस्य राउत ने कहा, “मैंने गद्दार को गद्दार कहा है। यदि किसी को इस शब्द पर आपत्ति है तो वह इसका कोई दूसरा उपयुक्त शब्द बता दे।”
राउत ने शिंदे पर तंज कसते हुए कहा कि वह मराठी भाषा के विद्यार्थी हैं और 40 वर्षों तक ‘सामना’ के संपादक रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैंने मराठी भाषा के सभी शब्दकोश पढ़े हैं। ‘गद्दार’ शब्द का विकल्प मुझे केवल ‘एकनाथ शिंदे’ ही मिला।”
भाषा अमित रंजन
रंजन

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