शिवसेना (उबाठा) के नेता ने शिंदे गुट की ओर से विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया

शिवसेना (उबाठा) के नेता ने शिंदे गुट की ओर से विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया

शिवसेना (उबाठा) के नेता ने शिंदे गुट की ओर से विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया
Modified Date: June 30, 2026 / 01:34 pm IST
Published Date: June 30, 2026 1:34 pm IST

मुंबई, 30 जून (भाषा) उद्धव ठाकरे को एक और झटका देते हुए शिवसेना (उबाठा) के नेता सचिन अहीर ने मंगलवार को प्रतिद्वंद्वी एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना की ओर से महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया।

शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे के करीबी माने जाने वाले अहीर का यह अप्रत्याशित कदम विपक्षी दल के छह सांसदों द्वारा सत्तारूढ़ शिंदे नीत शिवसेना में शामिल होने के कुछ ही दिनों बाद आया है।

अहीर ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की मौजूदगी में महायुति उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।

शिवसेना (उबाठा) के नेता अंबादास दानवे ने पुष्टि की है कि विधान परिषद सदस्य जगन्नाथ अभ्यंकर महा विकास आघाडी (एमवीए) के उम्मीदवार हैं।

विधान भवन परिसर में राज्य के मंत्री और शिवसेना नेता उदय सामंत ने पत्रकारों से कहा, ‘सचिन अहीर एक वरिष्ठ विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) हैं और उन्होंने मुंबई के लोगों के लिए आवाज उठाई है। मुझे खुशी है कि ऐसा अनुभवी नेता शिवसेना के साथ आ रहा है। हमने सभी कानूनी पहलुओं की जांच की है और उसके बाद ही यह फैसला लिया गया।’

इस घटनाक्रम को अधिक तवज्जो नहीं देते हुए शिवसेना (उबाठा) के विधायक सुनील राउत ने दावा किया कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं और वह एकजुट रही है।

उन्होंने विधान भवन परिसर में पत्रकारों से कहा, ‘हमें कई झटके लगे हैं, लेकिन पार्टी कभी खत्म नहीं हुई। यह झटका शिवसेना (उबाठा) के लिए कोई बड़ा झटका नहीं है।’

पिछले हफ़्ते उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के नौ लोकसभा सदस्यों में से छह सदस्य सत्ताधारी शिवसेना में शामिल हो गए थे।

भाषा प्रचेता वैभव

वैभव


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