एसआईटी रिपोर्ट से पता चलता है कि मुझे एमवीए शासन के दौरान झूठा फंसाने की कोशिश की गई: फडणवीस

एसआईटी रिपोर्ट से पता चलता है कि मुझे एमवीए शासन के दौरान झूठा फंसाने की कोशिश की गई: फडणवीस

एसआईटी रिपोर्ट से पता चलता है कि मुझे एमवीए शासन के दौरान झूठा फंसाने की कोशिश की गई: फडणवीस
Modified Date: January 11, 2026 / 09:27 am IST
Published Date: January 11, 2026 9:27 am IST

मुंबई, 11 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रश्मि शुक्ला द्वारा प्रस्तुत विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार के दौरान उन्हें झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास किया गया था।

उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में यह सुझाव दिया गया था कि तत्कालीन डीजीपी संजय पांडे, पुलिस उपायुक्त लक्ष्मीकांत पाटिल और सहायक पुलिस आयुक्त सरदार पाटिल ठाणे नगर थाने में दर्ज 2016 के वसूली मामले की पुन: जांच करके फडणवीस (जो उस समय विधानसभा में विपक्ष के नेता थे) और वर्तमान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (जो उस समय मंत्री थे) को फंसाने की साजिश में शामिल थे।

सूत्रों ने बताया कि शुक्ला ने इन तीनों अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की सिफारिश की थी।

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एसआईटी रिपोर्ट से जुड़े एक सवाल के जवाब में फडणवीस ने शनिवार शाम को पत्रकारों से कहा, ‘‘एमवीए शासन के दौरान बदले की राजनीति इस बात से साबित हो गई है कि मुझे झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की गई थी।’’

वर्ष 2016 में श्यामसुंदर अग्रवाल और उनके पूर्व व्यापारिक साझेदार रियल एस्टेट डेवलपर संजय पुनामिया के बीच विवाद के बाद ठाणे नगर थाने में श्यामसुंदर अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। 2017 में आरोप पत्र दाखिल किया गया था।

आरोप है कि ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार के सत्ता में रहने के दौरान राज्य पुलिस बल के प्रमुख रहे पांडे ने इस मामले की पुन: जांच का आदेश दिया था।

एसआईटी रिपोर्ट से संबंधित एक सवाल के जवाब में फडणवीस ने शनिवार शाम को पत्रकारों से कहा, ‘‘एमवीए शासन के दौरान प्रतिशोध की राजनीति इस बात से साबित हो गई है कि मुझे झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास किया गया था।’’

भाषा सुरभि गोला

गोला


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