टीसीएस नासिक मामला: निदा खान की जमानत याचिका पर सुनवाई टली

टीसीएस नासिक मामला: निदा खान की जमानत याचिका पर सुनवाई टली

टीसीएस नासिक मामला: निदा खान की जमानत याचिका पर सुनवाई टली
Modified Date: May 30, 2026 / 07:58 pm IST
Published Date: May 30, 2026 7:58 pm IST

नासिक, 30 मई (भाषा) नासिक की एक अदालत ने टीसीएस की नासिक इकाई में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़े मामले में आरोपी निदा खान की जमानत याचिका पर सुनवाई शनिवार को 12 जून तक के लिए स्थगित कर दी।

निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया गया था। उसे 11 मई को 24 मई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। बाद में उसकी हिरासत बढ़ा दी गई और उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई 30 मई को निर्धारित की गई थी।

शनिवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के. जी. जोशी (नासिक रोड) ने जमानत याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 12 जून की तारीख निर्धारित की। निदा खान के साथ ही, आरोपी दानिश शेख और तौसीफ अत्तार की जमानत याचिकाओं पर भी उसी दिन सुनवाई होगी।

महाराष्ट्र सरकार ने आईटी कंपनी की नासिक इकाई में कई महिला कर्मचारियों द्वारा लगाए गए शोषण, जबरन धर्मांतरण के प्रयास, धार्मिक भावनाएं आहत करने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों के बाद विशेष जांच दल का गठन किया था।

इनमें से एक मामला देवलाली कैंप पुलिस थाने में दर्ज किया गया था, जबकि शहर के मुंबई नाका पुलिस थाने में आठ प्राथमिकी दर्ज हैं।

कुल नौ मामलों में नामजद आरोपियों में दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी, निदा खान और अश्विनी अशोक चैनानी शामिल हैं। सभी वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।

प्राथमिकी के अनुसार, निदा खान पर व्हाट्सऐप ग्रुप में कर्मचारियों को निशाना बनाने, उन्हें नमाज पढ़ने और मांसाहारी भोजन खाने के लिए दबाव डालने का आरोप है। यह भी आरोप है कि उसने महिला कर्मचारियों को इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने की सलाह दी।

एसआईटी ने अब तक इस मामले में दो आरोपपत्र दाखिल किए हैं।

टीसीएस ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और दबाव के प्रति बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाती है और नासिक कार्यालय में कथित यौन उत्पीड़न से जुड़े कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।

भाषा अमित दिलीप

दिलीप


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