ठाणे की अदालत ने पत्नी को जलाकर मारने के दोषी युवक को आजीवन कारावास की सजा सुनायी

ठाणे की अदालत ने पत्नी को जलाकर मारने के दोषी युवक को आजीवन कारावास की सजा सुनायी

ठाणे की अदालत ने पत्नी को जलाकर मारने के दोषी युवक को आजीवन कारावास की सजा सुनायी
Modified Date: June 28, 2026 / 02:14 pm IST
Published Date: June 28, 2026 2:14 pm IST

ठाणे, 28 जून (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले की एक अदालत ने 2020 में घरेलू विवाद के दौरान पत्नी को जलाकर मारने के मामले में 32 वर्षीय व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बी. डी. शेलके ने शुक्रवार को कल्याण निवासी शाहिर देवराम पारखे को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 5,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

अदालत ने मामले की एक प्रमुख प्रत्यक्षदर्शी के बयान से मुकर जाने पर कड़ा रुख अपनाते हुए उसके खिलाफ झूठी गवाही के आरोप में मुकदमा चलाने का भी आदेश दिया।

अभियोजन के अनुसार, 17 और 18 मार्च 2020 की दरमियानी रात पारखे का अपनी पत्नी पायल से विवाद हुआ। विवाद सुलझाने के लिए पायल ने अपनी करीबी सहेली को घर बुलाया था। बाद में नशे की हालत में आरोपी प्लास्टिक की बोतल में रखा केरोसिन लेकर आया, उसने पायल पर तेल छिड़क दिया, उसे आग लगा दी और मौके से फरार हो गया।

पायल ने पारखे से प्रेम विवाह किया था और दोनों ठाणे के दैघर क्षेत्र में रहते थे। अभियोजन के अनुसार, आरोपी अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था, जिसके कारण दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे और वह उसके साथ क्रूरता करता था।

घटना में पायल करीब 70 प्रतिशत तक झुलस गई थी। कुछ दिनों बाद अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

अतिरिक्त लोक अभियोजक संजय मोरे ने अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाहों के बयान दर्ज कराए।

न्यायाधीश शेलके ने पुलिस, कार्यपालक मजिस्ट्रेट, पड़ोसियों और पायल की मां के समक्ष दिए गए उसके मृत्युपूर्व बयान का विस्तृत विश्लेषण किया।

सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण पहलू पायल की सहेली काजल मौर्य का बयान रहा, जो घटना की शुरुआती परिस्थितियों की प्रत्यक्षदर्शी थी।

हालांकि, बचाव पक्ष द्वारा जिरह के दौरान काजल मौर्य ने दावा किया कि पायल से गलती से खुद ही आग लग गई थी। उसने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस और मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए उसके पहले के बयान ‘‘दबाव में’’ दर्ज कराए गए थे।

हालांकि, अदालत ने इस दावे को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि काजल मौर्य ने कथित दबाव को लेकर कभी कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई। साथ ही उसने दंपति के बीच होने वाले विवादों और आग लगने के तुरंत बाद की परिस्थितियों संबंधी महत्वपूर्ण तथ्यों की पुष्टि भी की थी।

अदालत ने कहा कि काजल मौर्य ने जानबूझकर महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया, झूठ बोला और न्यायालय के समक्ष जानबूझकर मिथ्या साक्ष्य दिया। इसके बाद अदालत ने उसके खिलाफ झूठी गवाही देने के आरोप में कार्रवाई शुरू करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया।

भाषा गोला शोभना

शोभना


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