ठाणे, 27 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के ठाणे जिले में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने 2020 में एक मोटरसाइकिल और राज्य परिवहन विभाग की बस के बीच हुई टक्कर में मारे गए एक दंपति और उनके 11 वर्षीय बेटे के परिजनों को कुल 63.76 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
एमएसीटी के सदस्य आर वी मोहिते ने दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए मृतक दंपति के दो अन्य बच्चों और उनकी दादी को मुआवजा देने की मंजूरी दी, और बस चालक की लापरवाही के लिए महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) को जिम्मेदार ठहराया।
न्यायाधिकरण ने 17 अप्रैल को पांच अलग-अलग याचिकाओं पर यह आदेश पारित किया और इसकी एक प्रति रविवार को उपलब्ध कराई गई।
दुर्घटना 12 नवंबर, 2020 को हुई थी जब पीड़ित सखाराम माया मुकाने (34) अपनी पत्नी इंदिरा (29) और तीन बेटों के साथ मोटरसाइकिल पर यात्रा कर रहे थे। शाहपुर के पास तेज रफ्तार बस ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे दंपति की मौके पर ही मौत हो गई और उनके तीन बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से एक की अगले दिन अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।
अन्य दो बेटे नवनाथ (आठ) और एकनाथ (पांच) गंभीर रूप से घायल हो गए।
न्यायाधिकरण ने एमएसआरटीसी के इस तर्क को खारिज कर दिया कि मोटरसाइकिल चालक पांच व्यक्तियों को वाहन पर बिठाकर यात्रा करके लापरवाही बरती। न्यायाधिकरण ने माना कि दुर्घटना बस चालक की लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने के कारण हुई थी।
न्यायाधिकरण ने कहा कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि मोटरसाइकिल कुछ दूर तक घिसटती हुई चली गई, जिससे पता चलता है कि बस तेज गति से चलाई जा रही थी।
न्यायाधिकरण ने मृतक के परिजनों को कुल 63.76 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया और एमएसआरटीसी को पांचों याचिकाएं दायर करने की तारीख से नौ प्रतिशत प्रति वर्ष ब्याज समेत कुल राशि का भुगतान करने का निर्देश दिया।
भाषा तान्या जोहेब
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