अदालत ने ‘देश में गंदगी फैलाने और विदेश में सफाई रखने’ की लोगों की आदत पर नाखुशी जताई

अदालत ने ‘देश में गंदगी फैलाने और विदेश में सफाई रखने’ की लोगों की आदत पर नाखुशी जताई

अदालत ने ‘देश में गंदगी फैलाने और विदेश में सफाई रखने’ की लोगों की आदत पर नाखुशी जताई
Modified Date: July 31, 2026 / 10:39 pm IST
Published Date: July 31, 2026 10:39 pm IST

मुंबई, 31 जुलाई (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को इस बात पर नाखुशी जताई कि लोग भारत में तो कहीं भी कचरा फेंक देते हैं, लेकिन विदेश में नियमों का पालन करते हुए सिर्फ तय जगहों पर ही कचरा फेंकते हैं। अदालत ने सवाल किया कि क्या आजादी और लोकतंत्र की कीमत यही है?

न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी और न्यायमूर्ति आरती साठे की पीठ ने नागरिकों और नगर निकाय के अधिकारियों को जागरूक करने की बात कही, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सार्वजनिक सड़कों और जगहों पर कचरा न पड़ा रहे।

अदालत ने कहा, ‘‘अगर कोई व्यक्ति साफ-सुथरा माहौल चाहता है, तो समाज के प्रति उसकी यह बुनियादी जिम्मेदारी है कि वह सफाई बनाए रखे। हम चाहते हैं कि नगर निकाय के अधिकारी कार्रवाई करने में सख्ती बरतें।’’

उच्च न्यायालय उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था, जिनमें शहर के पूर्वी हिस्से में ‘कांजुरमार्ग डंपिंग स्थल’ के आसपास रहने वाले लोगों के समक्ष प्रदूषण, लगातार बदबू, गैस उत्सर्जन और स्वास्थ्य संबंधी खतरों को लेकर चिंता जताई गई थी।

अदालत ने कहा, ‘‘हमें अपने नागरिकों को जागरूक करना होगा। यहां तो कोई भी व्यक्ति बिना सोचे-समझे सड़क पर कचरा फेंक देता है, लेकिन वही लोग विदेश में ऐसा व्यवहार करने से पूरी तरह बचते हैं। वे चॉकलेट का छोटा-सा रैपर भी कूड़ेदान में ही डालते हैं।’’

उच्च न्यायालय ने कहा कि शहर को मुख्य सड़कों और गलियों में फेंके जाने वाले कचरे और उससे पैदा होने वाली गंभीर स्वास्थ्य एवं साफ-सफाई संबंधी समस्याओं के कारण रोजाना भारी खतरों का सामना करना पड़ रहा है।

अदालत ने नगर निकाय से कहा कि वह इस मामले में एक हफ्ते के अंदर उचित कार्रवाई करे, वरना उसे आदेश जारी करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

भाषा संतोष पारुल

पारुल


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