चालकों के मराठी ज्ञान के सत्यापन के लिए नए बैज जारी करने की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी : मंत्री

चालकों के मराठी ज्ञान के सत्यापन के लिए नए बैज जारी करने की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी : मंत्री

चालकों के मराठी ज्ञान के सत्यापन के लिए नए बैज जारी करने की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी : मंत्री
Modified Date: August 19, 2026 / 05:53 pm IST
Published Date: August 19, 2026 5:53 pm IST

मुंबई, 19 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बुधवार को कहा कि ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को नए बैज जारी किए जाने के दौरान उनके मराठी भाषा के ज्ञान के सत्यापन की पूरी प्रक्रिया की 20 अगस्त से वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी।

सरनाईक ने मंत्रालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस कदम का उद्देश्य संशोधित मोटर वाहन नियमों को लागू करने में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। इन नियमों के तहत ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी का “कार्यसाधक ज्ञान” होना अनिवार्य किया गया है।

मंत्री ने क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के अधिकारियों को भी निर्देश दिया है कि बृहस्पतिवार से शुरू होने वाले विशेष अभियान के दौरान चालकों के मराठी के कार्यसाधक ज्ञान की जांच के दौरान पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग करें।

गौरतलब है कि मराठी भाषा का ज्ञान रखने संबंधी नियम पहले से लागू था, लेकिन इसे सख्ती से लागू नहीं किया जाता था। नए कदम का उद्देश्य चालकों को बैज जारी करने की प्रक्रिया में होने वाली अनियमितताओं को रोकना है।

हाल ही में संशोधित किए गए राज्य मोटर वाहन नियमों के तहत, चालकों को मराठी भाषा का ”कार्यसाधक ज्ञान” हासिल करने के लिए एक महीने के नोटिस का प्रावधान किया गया है। ऐसा करने में विफल रहने पर उनका ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है और अंततः उनके परमिट रद्द किए जा सकते हैं।

सरनाईक ने कहा, “कल से टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों को बैज जारी करने की प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी।”

उन्होंने कहा कि परिवहन अधिकारियों को मराठी भाषा के सत्यापन के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।

सरनाईक ने घोषणा की कि बृहस्पतिवार से ऐसे ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अभियान शुरू किया जाएगा, जिन्हें मराठी भाषा का “कार्यसाधक ज्ञान” नहीं है।

उन्होंने कहा कि जिन चालकों के पास आवश्यक प्रमाणपत्र या मराठी भाषा का कार्यसाधक ज्ञान नहीं होगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पहले उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा और यदि वे नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो उनका ड्राइविंग लाइसेंस और बैज तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है।

सरनाईक ने कहा, “अगर कोई व्यक्ति तीन महीने बाद भी इसका पालन करने में विफल रहता है, तो उसका लाइसेंस और बैज रद्द करने के आदेश जारी किए जाएंगे।”

मंत्री ने बताया कि अतिरिक्त परिवहन आयुक्त रवि गायकवाड़ राज्यभर में मराठी भाषा का ज्ञान नहीं रखने वाले टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों के खिलाफ एक महीने तक चलने वाले अभियान का नेतृत्व करेंगे।

आरटीओ के उड़न दस्तों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जांच करने और संशोधित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

इससे पहले, संशोधित मोटर वाहन नियमों के एक प्रावधान का हवाला देते हुए सरनाईक ने मंगलवार को कहा था कि राज्यभर के ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों को उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई किए जाने से पहले मराठी सीखने का अवसर दिया जाएगा।

हालांकि, उनके इस बयान से राज्य में व्यावसायिक यात्री वाहन चलाने वाले उन लोगों के एक बड़े वर्ग की आशंकाएं दूर नहीं हुईं, जो देश के अन्य हिस्सों से आते हैं और मराठी भाषा में दक्ष नहीं हैं।

महाराष्ट्र में मराठी नहीं जानने वाले वाहन चालकों को अनिवार्य भाषा नियम में “कार्यसाधक ज्ञान” की अस्पष्ट शर्त को लेकर अपनी रोजी-रोटी छिनने का डर सता रहा है। हालांकि, राज्य सरकार ने भरोसा दिलाया है कि परमिट रद्द करने से पहले उन्हें मराठी सीखने के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा, जिसमें 30 दिन की नोटिस अवधि भी शामिल है।

इस साल अप्रैल में सरनाईक ने घोषणा की थी कि महाराष्ट्र में सभी वाणिज्यिक यात्री वाहन चालकों के लिए मराठी भाषा का कार्यसाधक ज्ञान होना अनिवार्य होगा। इसके बाद मराठी सीखने के लिए तीन महीने का अभियान शुरू किया गया था, जो 15 अगस्त को समाप्त हुआ।

अभियान के पीछे का कारण बताते हुए शिवसेना विधायक ने कहा कि सरकार चाहती है कि लोग मराठी भाषा सीखें, इसलिए इस पहल को जारी रखने का फैसला किया गया है।

उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में, खासकर मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में, करीब छह लाख ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों को मराठी भाषा सीखने की पहल के दायरे में लाया जाएगा।

भाषा तान्या पवनेश

पवनेश


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