मराठी नहीं जानने वाले वाहन चालकों के खिलाफ 20 अगस्त से कार्रवाई: महाराष्ट्र मंत्री

मराठी नहीं जानने वाले वाहन चालकों के खिलाफ 20 अगस्त से कार्रवाई: महाराष्ट्र मंत्री

मराठी नहीं जानने वाले वाहन चालकों के खिलाफ 20 अगस्त से कार्रवाई: महाराष्ट्र मंत्री
Modified Date: August 19, 2026 / 03:21 pm IST
Published Date: August 19, 2026 3:21 pm IST

मुंबई, 19 अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बुधवार को घोषणा की है कि 20 अगस्त से ऐसे ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए अभियान शुरू किया जाएगा, जिन्हें मराठी का “कार्यसाधक ज्ञान” नहीं है।

मंत्री ने पत्रकारों से कहा कि जिन चालकों के पास आवश्यक प्रमाणपत्र या मराठी का कार्यसाधक ज्ञान नहीं होगा, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पहले उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा और यदि वे नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो उनका ड्राइविंग लाइसेंस और बैज तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार से ऐसे ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के खिलाफ अभियान शुरू किया जाएगा, जिन्हें मराठी भाषा का इतना ज्ञान भी नहीं है कि कामकाज चलाया जा सके।

सरनाईक ने कहा, “अगर कोई व्यक्ति तीन महीने बाद भी इसका पालन करने में विफल रहता है, तो उसका लाइसेंस और बैज रद्द करने के आदेश जारी किए जाएंगे।”

मंत्री ने बताया कि अतिरिक्त परिवहन आयुक्त रवि गायकवाड़ राज्यभर में मराठी का ज्ञान नहीं रखने वाले टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों के खिलाफ एक महीने तक चलने वाले अभियान का नेतृत्व करेंगे।

उन्होंने कहा कि संशोधित नियमों को लागू करने और उनकी जांच सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के उड़न दस्तों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी।

इससे पहले, संशोधित मोटर वाहन नियमों के एक प्रावधान का हवाला देते हुए सरनाईक ने मंगलवार को कहा था कि राज्यभर के ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों को उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई किए जाने से पहले मराठी सीखने का अवसर दिया जाएगा।

हालांकि, उनके इस बयान से राज्य में व्यावसायिक यात्री वाहन चलाने वाले उन लोगों के एक बड़े वर्ग की आशंकाएं दूर नहीं हुईं, जो देश के अन्य हिस्सों से आते हैं और मराठी भाषा में दक्ष नहीं हैं।

सेवा सारथी ऑटोरिक्शा टैक्सी एंड ट्रांसपोर्ट यूनियन के नेता डी.एम. गोसावी ने कहा कि राज्य सरकार ने मराठी भाषा का कार्यसाधक ज्ञान होना अनिवार्य किया है, लेकिन वास्तव में ‘कार्यसाधक ज्ञान’ से क्या अभिप्राय है, यह स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किया गया है ।

उन्होंने कहा कि इस अस्पष्टता से आरटीओ में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा और चालकों का आर्थिक शोषण होगा। गोसावी ने कहा कि राज्य में व्यावसायिक यात्री वाहन चलाने वाले एक बड़े वर्ग के लोग देश के अन्य हिस्सों से आते हैं और मराठी भाषा में दक्ष नहीं हैं।

भाषा तान्या पवनेश

पवनेश


लेखक के बारे में