आंध्र प्रदेश : बेरोजगारों को फर्जी सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठगने के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार
आंध्र प्रदेश : बेरोजगारों को फर्जी सरकारी नौकरी का झांसा देकर ठगने के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार
अमरावती, 19 अगस्त (भाषा) आंध्र प्रदेश में सरकारी नौकरी का फर्जी भर्ती विज्ञापन जारी कर बेरोजगार युवाओं से ठगी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
सीआईडी के अनुसार, आरोपी गोपाल आर्थिक लाभ के लिए फर्जी सरकारी नौकरी भर्ती गिरोह का संचालन करता था। उसने 2021 में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के नाम पर भर्ती का विज्ञापन अखबार में प्रकाशित कराया और आवेदन के लिए एक फर्जी ईमेल आईडी दिया था।
सीआईडी ने मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘आंध्र प्रदेश सीआईडी की साइबर अपराध पुलिस ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के नाम पर फर्जी सरकारी भर्ती अधिसूचनाएं जारी कर बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर ठगी करने के आरोप में गोपाल को गिरफ्तार किया है।’’
आरोपी ने फर्जी ईमेल पर प्राप्त आवेदकों की जानकारी के आधार पर उनसे संपर्क किया और सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसे लिए।
सीआईडी ने आरोप लगाया कि गोपाल ने भारत सरकार के प्रतीक चिह्न, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के नाम और आंध्र प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आधिकारिक पते का इस्तेमाल कर फर्जी भर्ती अधिसूचनाएं, प्रमाणपत्र सत्यापन पत्र, साक्षात्कार पत्र, नियुक्ति आदेश और प्रशिक्षण आदेश तैयार कर प्रसारित किए।
कई पीड़ित इन दस्तावेजों को असली समझकर सत्यापन और नियुक्ति संबंधी औपचारिकताओं के लिए मंगलागिरी स्थित आंध्र प्रदेश औद्योगिक अवसंरचना निगम (एपीआईआईसी) की इमारत में भी पहुंचे थे।
आरोपी ने कथित तौर पर ऑनलाइन क्लासीफाइड विज्ञापन मंच (ओएलएक्स) के जरिए लोगों को अपने साथ जोड़ा और पीड़ितों से रकम हासिल करने के लिए उनके बैंक खातों का इस्तेमाल किया।
सीआईडी के अनुसार, वह उन्हें करीब 30 प्रतिशत कमीशन देने का लालच देता, बाकी रकम अपने पास रखता और पैसे निकालने के लिए उनके एटीएम कार्ड भी अपने पास रख लेता था।
सीआईडी ने बताया कि गोपाल ने पीड़ितों का विश्वास जीतने के लिए आयुष्मान भारत फाउंडेशन के नाम से एक बैंक खाता भी खोला था। बैठकों के दौरान खुद को वरिष्ठ सरकारी अधिकारी दिखाने के लिए वह किराये की गाड़ियों का इस्तेमाल करता था।
जांच में सामने आया कि उसने कई फर्जी ईमेल आईडी बनाए और फर्जी केवाईसी दस्तावेजों के जरिए करीब 15 मोबाइल नंबर हासिल किए। तकनीकी विश्लेषण में एक मोबाइल नंबर से करीब 278 आईएमईआई जुड़े होने की जानकारी भी मिली।
सीआईडी ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, आठ एटीएम कार्ड, नियुक्ति पत्र, भर्ती अधिसूचनाएं और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। जब्त किए गए स्मार्टफोन में फर्जी ईमेल आईडी थीं, जबकि लैपटॉप में फर्जी भर्ती अधिसूचनाएं, कॉल लेटर और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली।
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी विजयवाड़ा में इधर-उधर घूमते समय अपने मोबाइल फोन बंद कर देता था ताकि पुलिस की पकड़ से बच सके। हालांकि, सीआईडी टीम ने डिजिटल फुटप्रिंट, तकनीकी जांच और निगरानी के जरिए उसे तलाश लिया और गिरफ्तार कर लिया।
प्रारंभिक जांच में करीब 60 लोगों से लगभग 93 लाख रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है। आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में आरोपी के खिलाफ इसी तरह की नौकरी संबंधी ठगी के करीब 16 मामले दर्ज हैं।
सीआईडी अन्य मामलों में उसकी संभावित संलिप्तता और अतिरिक्त पीड़ितों तथा सहयोगियों का पता लगा रही है। एजेंसी धन के लेनदेन की भी जांच कर रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ठगी की रकम रियल एस्टेट में लगाई गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से जुड़े बैंक खातों, लेनदेन और संपत्तियों की जांच कर अपराध से अर्जित रकम का पता लगाया जा रहा है। विजयवाड़ा के पाटमाटा इलाके से सरकारी प्रतीक वाले स्टांप और मुहरों की कथित खरीद तथा इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है।
भाषा
राखी मनीषा
मनीषा

Facebook


