उद्धव व राज की पार्टियों ने दोहरा मतदान करने वालों की ‘पिटाई’ के लिए संयुक्त दस्ता बनाया

उद्धव व राज की पार्टियों ने दोहरा मतदान करने वालों की 'पिटाई' के लिए संयुक्त दस्ता बनाया

उद्धव व राज की पार्टियों ने दोहरा मतदान करने वालों की ‘पिटाई’ के लिए संयुक्त दस्ता बनाया
Modified Date: January 13, 2026 / 06:52 pm IST
Published Date: January 13, 2026 6:52 pm IST

मुंबई, 13 जनवरी (भाषा) शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत के एक बयान ने मंगलवार को नगर निकाय चुनावों में संभावित हिंसा को लेकर चिंता बढ़ा दी। उन्होंने घोषणा की कि नगर निकाय चुनावों के लिए 15 जनवरी को होने वाले मतदान के दिन उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी और मनसे के कार्यकर्ताओं का एक संयुक्त दस्ता गठित किया जाएगा, जिसका काम “दोहरा और फर्जी मतदान करने वालों की पिटाई करना” होगा।

राउत की धमकी मुंबई और अन्य नगर निकायों के चुनावों के लिए प्रचार के दौरान महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे द्वारा की गई सार्वजनिक अपील के बाद आई है।

भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बढ़ते प्रभाव के बीच मुंबई के गढ़ की रक्षा के लिए मनसे और शिवसेना (उबाठा) ने गठबंधन किया है।

 ⁠

शिवसेना (उबाठा) के नेता ने यहां पत्रकारों से कहा, “हमने (शिवसेना-उबाठा और मनसे) एक टीम बनाई है, जो 15 जनवरी को सुबह सात बजे से सक्रिय हो जाएगी। जैसे ही क्षेत्रवार दोहरे मतदाताओं की जानकारी दस्ते को मिलेगी, संयुक्त टीम ऐसे मतदाताओं से उचित तरीके से निपटेगी।”

राउत की यह चेतावनी 29 नगर निकायों के चुनावों के लिए जारी जोरदार प्रचार अभियान की पृष्ठभूमि में आई है, जिसमें एक तरफ भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना व दूसरी तरफ मुंबई महानगर क्षेत्र में शिवसेना (उबाठा)-मनसे गठबंधन के बीच तीखी तकरार देखने को मिली है।

विपक्ष ने राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष फर्जी और दोहरी मतदाता सूची का मुद्दा आक्रामक रूप से उठाया था और मतदाता सूची में कथित विसंगतियों को दूर करने की मांग की थी।

राउत से जब दोहरी मतदाता होने का दावा करके व्यक्तियों पर हमला करने के बाद के कानूनी परिणामों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने तर्क दिया कि कानून के दायरे में न आने वालों को पीटना कानून और व्यवस्था की स्थिति भंग करने के बराबर नहीं है।

राउत ने पूछा, “क्या फर्जी मतदान कानून और व्यवस्था की परिभाषा में आता है?”

भाषा

शुभम प्रशांत

प्रशांत


लेखक के बारे में