बीएमसी चुनाव में कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) अपने फैसले खुद लेने के लिए स्वतंत्र : उद्धव

बीएमसी चुनाव में कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) अपने फैसले खुद लेने के लिए स्वतंत्र : उद्धव

बीएमसी चुनाव में कांग्रेस और शिवसेना (उबाठा) अपने फैसले खुद लेने के लिए स्वतंत्र : उद्धव
Modified Date: November 16, 2025 / 07:41 pm IST
Published Date: November 16, 2025 7:41 pm IST

मुंबई, 16 नवंबर (भाषा) शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार को कहा कि कांग्रेस और उनकी पार्टी अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र हैं।

इससे एक दिन पहले, महा विकास आघाडी (एमवीए) में शामिल कांग्रेस ने वृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनाव अकेले लड़ने की घोषणा की थी।

कांग्रेस के एक वर्ग ने राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को एमवीए में शामिल करने और ठाकरे भाइयों के बीच बढ़ती नजदीकियों को लेकर आपत्ति जताई थी।

ठाकरे ने बिहार चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को मिले भारी जनादेश पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के नए गणित को समझना मुश्किल है, जहां (विपक्षी नेताओं की) रैलियों में भारी भीड़ उमड़ती है, लेकिन उम्मीदवार जीत नहीं पाते।

ठाकरे ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सवाल किया कि क्या राजद नेता तेजस्वी यादव को मिला भारी समर्थन असली था या कृत्रिम बुद्धिमत्ता के ज़रिए बनाया गया था।

कांग्रेस नेता वर्षा गायकवाड़ ने शनिवार को कहा कि पार्टी आगामी बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ने की तैयारी कर रही है।

ठाकरे ने संवाददाताओं से कहा, ‘कांग्रेस और मेरी पार्टी स्वतंत्र हैं। कांग्रेस अपना फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है और मेरी पार्टी को भी ऐसा करने की आजादी है।’

भारत के निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा कि एकजुट विपक्ष ने मतदाता सूची में अनियमितताओं को उजागर किया और मार्च निकाला इसके बावजूद आयोग इन मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने पूछा, ‘हम चुनाव का विरोध इसलिए नहीं करते क्योंकि यह राजनीति की जीवनरेखा है। लेकिन अगर चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं है, तो क्या इसे लोकतंत्र कहा जाना चाहिए?’

उन्होंने भाजपा पर क्षेत्रीय दलों को खत्म करने की साज़िश रचने का भी आरोप लगाया।

ठाकरे ने कहा कि क्षेत्रीय अस्मिता को कुचलने वाली कोई भी पार्टी देश में टिक नहीं पाएगी।

भाषा जोहेब दिलीप

दिलीप


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