नीट प्रश्नपत्रों के परिवहन के लिए वायुसेना का इस्तेमाल शासन की विफलता दर्शाती है: राउत

नीट प्रश्नपत्रों के परिवहन के लिए वायुसेना का इस्तेमाल शासन की विफलता दर्शाती है: राउत

नीट प्रश्नपत्रों के परिवहन के लिए वायुसेना का इस्तेमाल शासन की विफलता दर्शाती है: राउत
Modified Date: May 29, 2026 / 10:13 am IST
Published Date: May 29, 2026 10:13 am IST

मुंबई, 29 मई (भाषा) शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातक (नीट-यूजी) के प्रश्नपत्रों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए वायु सेना (आईएएफ) के संभावित इस्तेमाल से जुड़ी खबरों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की है। उन्होंने दावा किया कि यह कदम शासन की ‘‘विफलता’’ को दर्शाता है।

संजय राउत ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि सशस्त्र बल देश की सीमाओं की रक्षा के लिए हैं, न कि ‘‘राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और शिक्षा मंत्रालय की अक्षमता छिपाने’’ के लिए।

उन्होंने कहा, ‘‘यह शासन की विफलता की शर्मनाक स्वीकारोक्ति है। वर्षों से नीट के प्रश्नपत्र लीक होने से लाखों छात्रों के सपने चकनाचूर हुए हैं और अब सरकार चाहती है कि वायुसेना प्रश्नपत्रों का परिवहन करे।’’

सांसद राउत ने आरोप लगाया है कि व्यवस्था में सुधार करने और दोषियों को सजा देने के बजाय केंद्र सरकार सेना का इस्तेमाल ‘‘तात्कालिक समाधान’’ के रूप में करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने दावा किया, ‘‘परीक्षा से जुड़ी बुनियादी व्यवस्थाओं के लिए रक्षा मंत्री को शिक्षा मंत्री के साथ बैठक क्यों करनी पड़ रही है? इससे केवल एनटीए और शिक्षा मंत्रालय की अक्षमता उजागर होती है।’’

राउत ने प्रश्नपत्र लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की और व्यवस्था में पारदर्शिता तथा विश्वसनीयता बहाल करने के लिए सुधारों का आह्वान किया।

आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि सरकार 21 जून को होने वाली नीट-यूजी की पुन: परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और त्रुटिरहित ढंग से आयोजित करने के लिए प्रश्नपत्रों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के वास्ते वायु सेना की सहायता लेने की संभावना पर विचार कर रही है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इस विकल्प पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे।

सूत्रों ने बताया कि अब तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और इस विकल्प पर अंतिम फैसला लेने के लिए इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के समक्ष रखा जायेगा।

नीट परीक्षा तीन मई को भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के लिए लगभग 23 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था।

एनटीए ने 12 मई को नीट को प्रश्न पत्र लीक होने के आरोपों के बीच रद्द कर दिया था और 21 जून को नीट की पुन: परीक्षा निर्धारित की गई है।

इस मामले की जांच कर रही सीबीआई ( केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) ने देशभर में तलाशी अभियान चलाया है।

इस मामले में अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

भाषा प्रचेता सुरभि

सुरभि


लेखक के बारे में