वसई-विरार महानगर पालिका का ‘एटीएम’ की तरह इस्तेमाल किया गया: फडणवीस

वसई-विरार महानगर पालिका का ‘एटीएम’ की तरह इस्तेमाल किया गया: फडणवीस

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  • Publish Date - January 9, 2026 / 09:02 PM IST,
    Updated On - January 9, 2026 / 09:02 PM IST

पालघर, नौ जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि वसई-विरार शहर महानगर पालिका का इस्तेमाल कुछ लोगों की तिजोरियां भरने के लिए “एटीएम” की तरह किया गया। उन्होंने वादा किया कि अगर राज्य में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन को वसई-विरार शहर महानगर पालिका का नेतृत्व करने का मौका मिलता है, तो क्षेत्र में विकास और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का युग आएगा।

फडणवीस ने वसई-विरार ‍शहर महानगरपालिका के पूर्व प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए क्षेत्र में “क्रांतिकारी बदलाव” लाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि वसई-विरार में भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी का युग खत्म होने वाला है।

नालासोपारा में आयोजित रैली में फडणवीस ने स्थानीय प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि इस महानगर पालिका को कुछ लोगों की तिजोरियां भरने के लिए “एटीएम” के रूप में इस्तेमाल किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा, “सत्ता उन लोगों के हाथों में होनी चाहिए, जो सेवा करते हैं, न कि उन लोगों के हाथों में, जो लूटते हैं।”

उन्होंने कहा कि मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) की अन्य महानगर पालिकाओं में जहां तीव्र विकास देखा गया है, वहीं वसई-विरार में “विकास की रफ्तार बहुत धीमी है।”

फडणवीस ने नागरिकों को जल आपूर्ति में कटौती या विध्वंस जैसी धमकियां देने की संस्कृति को समाप्त करने का वादा किया।

मुख्यमंत्री ने आवागमन को आसान बनाने का भरोसा दिलाते हुए कई प्रमुख परिवहन परियोजनाओं का जिक्र किया, जिनमें मीरा रोड से विरार तक 23 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन शामिल है, जिसमें 22 स्टेशन होंगे और जो इस क्षेत्र को मुंबई की मुख्य लाइन से जोड़ेगी।

उन्होंने कहा कि बांद्रा-वर्सोवा सी लिंक का निर्माण कार्य पूरा होने वाला है और उत्तान से विरार तक बनने वाली नयी तटीय सड़क से मुंबई तक यात्रा का समय घटकर मात्र 30 मिनट रह जाएगा।

फडणवीस ने वादा किया कि 50 प्रतिशत लोकल ट्रेन वातानुकूलित होंगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि द्वितीय श्रेणी के किरायों में कोई वृद्धि नहीं की जाएगी।

वसई-विरार शहर महानगर पालिका महाराष्ट्र की उन 29 महानगरपालिकाओं में शामिल है, जिनके लिए मतदान 15 जनवरी को होगा, जबकि मतों की गिनती 16 जनवरी को की जाएगी।

भाषा पारुल अविनाश

अविनाश