मुंबई की संगीतमय तटीय सड़क पर मराठी धुन क्यों नहीं बज सकती: मनसे नेता अमित ठाकरे

मुंबई की संगीतमय तटीय सड़क पर मराठी धुन क्यों नहीं बज सकती: मनसे नेता अमित ठाकरे

मुंबई की संगीतमय तटीय सड़क पर मराठी धुन क्यों नहीं बज सकती: मनसे नेता अमित ठाकरे
Modified Date: February 13, 2026 / 04:40 pm IST
Published Date: February 13, 2026 4:40 pm IST

मुंबई, 13 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता अमित ठाकरे ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका द्वारा देश की पहली ‘संगीतमय’ सड़क का अनावरण करने और उसपर ‘जय हो’ की धुन बजने का हवाला देते हुए सवाल किया कि उक्त तटीय सड़क पर मराठी धुन क्यों नहीं बजाई जा सकती।

ठाकरे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में तटीय सड़क को मुंबई के लिए एक महत्वाकांक्षी परियोजना बताया और कहा कि विकास में महाराष्ट्र की परंपराओं की झलक दिखनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर सड़क पर कोई मराठी धुन बजती, तो यह एक अलग ही अनुभव होता और गर्व का क्षण होता। लेकिन हमने एक बार फिर अपनी पहचान खो दी है।’’

ठाकरे ने कहा कि अगर इस सड़क से महाराष्ट्र का राज्य गीत ‘गरजा महाराष्ट्र माझा’ या महान लता मंगेशकर द्वारा गाए गए किसी अन्य गीत की धुन बजती, तो बहुत अच्छा होता।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को भारत की पहली ‘संगीतमय’ या ‘मेलोडी’ सड़क का उद्घाटन किया।

जब वाहन तटीय सड़क के एक हिस्से पर विशेष रूप से स्थापित खांचों पर 70 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलते हैं, तो घर्षण से उत्पन्न ध्वनि तरंगें फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ के लोकप्रिय गाने ‘जय हो’ की धुन उत्पन्न करती हैं, जिसे वाहन के अंदर स्पष्ट रूप से सुना जा सकता है।

पहले चरण में, इस अवधारणा को तटीय सड़क के 500 मीटर के हिस्से पर लागू किया गया है। सरकार की योजना संगीतमय सड़क की अवधारणा को विस्तारित करने की है।

भाषा धीरज दिलीप

दिलीप


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