महिला आरक्षण विधेयक केंद्र सरकार की सत्ता पर हमेशा काबिज रहने की कोशिश है: राज ठाकरे

Ads

महिला आरक्षण विधेयक केंद्र सरकार की सत्ता पर हमेशा काबिज रहने की कोशिश है: राज ठाकरे

  •  
  • Publish Date - April 17, 2026 / 07:16 PM IST,
    Updated On - April 17, 2026 / 07:16 PM IST

मुंबई, 17 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार महिला आरक्षण विधेयक की आड़ में परिसीमन जैसे उपायों के माध्यम से सत्ता पर स्थायी रूप से काबिज रहने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत और पश्चिम बंगाल, पंजाब, ओडिशा, पूर्वोत्तर राज्यों, महाराष्ट्र और गोवा जैसे अन्य राज्यों, जिनकी अपनी विशिष्ट संस्कृति, भाषा और लिपियां हैं, का ‘हिंदीकरण’ करने का प्रयास इसी प्रक्रिया के साथ होगा।

फेसबुक पोस्ट में ठाकरे ने कहा कि जब 131वां संवैधानिक संशोधन लाया गया था, तब ऐसा प्रतीत हुआ था कि योजना लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन करने और फिर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने की थी।

लेकिन अचानक बृहस्पतिवार रात को, जब महिला आरक्षण विधेयक पर बहस चल रही थी, केंद्र ने एक अधिसूचना जारी करके घोषणा की कि 2023 का महिला आरक्षण विधेयक 17 अप्रैल से प्रभावी हो गया है।

उन्होंने पूछा कि यदि संशोधनों पर चर्चा अभी चल रही है, तो ‘जल्दी क्या है?’

ठाकरे ने दावा किया, ‘‘केंद्र सरकार लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक जैसे उपायों के माध्यम से सत्ता पर अपनी चिरस्थायी पकड़ सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है।’’

ठाकरे, जिनकी पार्टी के पास वर्तमान में कोई सांसद या विधायक भी नहीं है, ने कहा कि मनसे महिलाओं के लिए आरक्षण का विरोध नहीं करती है। उन्होंने कहा कि विधानसभाओं में महिलाओं को आरक्षण मिलना खुशी की बात होगी।

उन्होंने कहा, “हम विशेष रूप से जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर प्रस्तावित लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के खिलाफ हैं। संविधान के अनुच्छेद 81 और 82 में यह प्रावधान है कि लोकसभा में सीटें संबंधित राज्यों की जनसंख्या के अनुपात में आवंटित की जाएंगी।”

भाषा संतोष नरेश

नरेश