मुंबई, दो जून (भाषा) महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्ज माफ करने के लिए मंगलवार को ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना’ को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही, समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को प्रोत्साहन लाभ देने का भी फैसला किया गया।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
इस योजना के तीन घटक हैं-ऋण माफी, एकमुश्त निपटान (ओटीएस) और प्रोत्साहन लाभ तथा पात्रता के लिए भूमि स्वामित्व का कोई मानदंड नहीं होगा।
कर्जमाफी घटक के तहत जिन किसानों का मूलधन और ब्याज सहित कुल बकाया अल्पकालिक फसल ऋण दो लाख रुपये तक है, उन्हें पूरी कर्जमाफी का लाभ मिलेगा। इसके लिए ऋण एक अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच वितरित किया गया होना चाहिए, 30 सितंबर 2025 तक बकाया रहा हो तथा 31 मार्च 2026 तक उसका भुगतान नहीं किया गया हो।
जिन किसानों का बकाया ऋण दो लाख रुपये से अधिक है, उन्हें योजना के एकमुश्त निपटान घटक के तहत शामिल किया जाएगा। ऐसे किसानों को पहले दो लाख रुपये से अधिक की राशि का भुगतान करना होगा, जिसके बाद वे दो लाख रुपये तक की कर्जमाफी के पात्र बन जाएंगे।
मंत्रिमंडल ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे किसानों के लिए एक बड़ी राहत बताया। मंत्रियों ने बैठक के दौरान इस कदम की सराहना की और इसे राज्य भर के लाखों किसानों को लाभ पहुंचाने वाला एक ऐतिहासिक निर्णय बताया।
प्रोत्साहन लाभ घटक के तहत, 2022-23 से 2024-25 के बीच के तीन वित्तीय वर्षों में से कम से कम दो वर्षों में निर्धारित अवधि के भीतर फसल ऋण चुकाने वाले किसानों को 50,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके अलावा, पात्र लाभार्थियों ने यदि चालू वित्तीय वर्ष में फसल ऋण लिया है, तो उन्हें उसका भुगतान भी समय पर करना होगा।
योजना के क्रियान्वयन की निगरानी मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली एक उच्चस्तरीय समिति करेगी।
विपक्षी दल कांग्रेस ने कहा कि कर्जमाफी योजना केवल घोषणा बनकर नहीं रह जानी चाहिए, क्योंकि अतीत में इस तरह की योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता पर सवाल उठते रहे हैं।
पार्टी ने कहा कि ‘लाडकी बहिन योजना’ शुरू होने के कुछ समय बाद लगभग 80 लाख महिलाओं को अपात्र घोषित कर दिया गया। कांग्रेस ने कहा कि इसलिए सरकार के इस दावे पर भरोसा नहीं किया जा सकता कि ऋणमाफी योजना से 56 लाख किसानों को फायदा होगा।
भाषा आशीष माधव
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