(Chaitra Navratri 2026 Day 7 / Image Credit: sadhana app)
Chaitra Navratri 2026 Day 7 Bhog: चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन देवी दुर्गा के उग्र और प्रभावशाली रूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। मान्यता है कि मां कालरात्रि अपने भक्तों के सभी भय, बाधाएं और नकारात्मक शक्तियों का नाश करती है। उनका रूप भले ही भयंकर दिखता है, लेकिन वे अपने भक्तों को हमेशा शुभ फल देती हैं। इसी कारण इन्हें शुभंकारी कहा जाता है। इस दिन विधिपूर्वक पूजा और सही भोग अर्पित करने से जीवन के बड़े संकट भी दूर हो जाते हैं।
मां कालरात्रि का वर्ण काला और श्यामल होता है। उनके बाल बिखरे हुए हैं और गले में बिजली की माला सुशोभित रहती है। मां गधे पर सवार होती हैं और उनके चार हाथ हैं। एक हाथ में खड्ग, दूसरे में लोहे का कांटा और बाकी दो हाथ अभय और वर मुद्रा में होते हैं। उनका यह भयंकर रूप नकारात्मक शक्तियों और शत्रुओं का नाश करता है तथा भक्तों को सुरक्षा और आशीर्वाद प्रदान करता है।
शास्त्रों के अनुसार मां कालरात्रि को गुड़ का भोग सबसे प्रिय है। सप्तमी के दिन गुड़ या गुड़ से बनी चीजें भोग के रूप में अर्पित करें। भोग अर्पित करने के बाद उसका कुछ अंश दक्षिणा के रूप में ब्राह्मण को देना चाहिए। ऐसा करने से शोक, दरिद्रता और आकस्मिक संकट दूर होते हैं। इसके अलावा शत्रुओं का नाश होता है और घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर हो जाती है।
मां कालरात्रि की पूजा अज्ञात भय और बुरे सपनों से मुक्ति दिलाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि ग्रह के प्रभाव को कम करने के लिए भी उनकी पूजा सर्वोत्तम मानी जाती है। मां की कृपा से भक्तों पर टोने-टोटके या ऊपरी बाधाओं का कोई असर नहीं होता। नियमित पूजा और भोग अर्पित करने से जीवन में शांति, सुरक्षा और समृद्धि बनी रहती है।