(Chaitra Navratri 2026 Kalash Visarjan/ Image Credit: IBC24 News)
Chaitra Navratri 2026 Kalash Visarjan: आज महानवमी तिथि के समाप्त होने के साथ ही चैत्र नवरात्रि का समापन हो गया। चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि को ही महानवमी कहा जाता है। इस दिन राम नवमी का पावन पर्व भी मनाया जा रहा है। श्रद्धालुओं ने आज मां सिद्धिदात्री की पूजा की, कन्या पूजन किया और नवरात्रि का हवन भी संपन्न किया। नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है, जिसे पूजा के समापन पर विसर्जित किया जाता है।
अब लोग यह जानना चाहते हैं कि नवरात्रि के कलश का विसर्जन कब किया जाएगा। नवमी तिथि की पूजा आज पूरी हो चुकी है, इसलिए कलश विसर्जन के लिए आज 27 मार्च का दिन शुभ माना गया है। सुबह 10 बजकर 06 मिनट के बाद दशमी तिथि लग चुकी है, इसलिए भक्त आज कलश विसर्जन कर सकते हैं। जो लोग पूरे नौ दिनों का व्रत रख चुके हैं, वे कल, यानी 28 मार्च को कलश विसर्जन कर सकते हैं।
28 मार्च को दशमी तिथि सुबह 8 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। इस समय तक नवरात्रि के कलश का विसर्जन करना शुभ माना जाता है। इसके बाद एकादशी तिथि लग जाएगी, इसलिए अगर किसी ने कलश आज या कल विसर्जित नहीं किया है, तो उसे 28 मार्च सुबह 8:48 बजे से पहले विसर्जित करना चाहिए। शुभ मुहूर्त में कलश विसर्जन करने से घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
कलश विसर्जन करने से पहले कलश के ऊपर रखा नारियल हटा दें। उसके बाद कलश में बोए गए जौ को काटें। फिर कलश में रखे पवित्र जल में आम के पत्ते डालकर पूरे घर में छिड़काव करें। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। मिट्टी का कलश स्थापित करने वाले श्रद्धालु माता दुर्गा का ध्यान करते हुए कलश विसर्जित करें।
धातु का कलश स्थापित करने वाले उसमें रखी सामग्री को अलग कर विसर्जित करें। विसर्जन के दौरान मंत्र ‘गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठ, स्वस्थानं परमेश्वरी, पूजाराधनकाले च पुनरागमनाय च’ का जाप करें। कलश विसर्जन के बाद माता का ध्यान करें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है और नकारात्मकता दूर होती है।