Uttarakhand News: CM धामी का मास्टर प्लान, बदलेगी देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश की तस्वीर, ट्रैफिक जाम से भी मिलेगी निजात

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Uttarakhand News: सीएम धामी का मास्टर प्लान, बदलेगी देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश की तस्वीर, ट्रैफिक जाम से भी मिलेगी निजात

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  • Publish Date - March 27, 2026 / 11:27 AM IST,
    Updated On - March 27, 2026 / 11:27 AM IST

Uttarakhand News | Photo Credit: @DIPR_UK

HIGHLIGHTS
  • देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर के लिए CMP-2024 तैयार
  • 73 किलोमीटर लंबी ई-बीआरटीएस और हरिद्वार में PRT सिस्टम का प्रस्ताव
  • कांवड़ मेला और कुंभ जैसे आयोजनों में यातायात प्रबंधन को मिलेगा नया स्वरूप

देहरादून: Uttarakhand News मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों में उत्तराखण्ड में आधुनिक और सुदृढ़ आधारभूत ढांचे के निर्माण की दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में राज्य के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक, पर्यटन और प्रशासनिक कॉरिडोर, देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करने के लिए कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (CMP)-2024 पर उच्चस्तरीय मंथन किया गया।

Uttarakhand Hindi News आवास सचिव डॉ. आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में यह महत्वपूर्ण बैठक राज्य सचिवालय में आयोजित हुई। बैठक में मेसर्स यूएमटीसी द्वारा CMP-2024 के अद्यतन प्रस्तावों का प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें देहरादून (देहरादून शहर, विकासनगर, ऋषिकेश) और हरिद्वार (हरिद्वार शहर, रुड़की, भगवानपुर) क्षेत्र की मौजूदा यातायात चुनौतियों और उनके समाधान को विस्तार से रखा गया। इसके बाद विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने योजना के तकनीकी, सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया।

सचिव आवास ने निर्देश दिए कि CMP के सभी प्रस्तावों को संबंधित मास्टर प्लान में अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि आने वाले समय में शहरी परिवहन अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में तैयार होने वाली सभी योजनाओं में एकीकृत परिवहन प्रणाली की अवधारणा को केंद्र में रखा जाए।

CMP-2024 के अंतर्गत कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं, जो इस पूरे कॉरिडोर की तस्वीर बदलने की क्षमता रखती हैं। देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच लगभग 73 किलोमीटर लंबी ई-बीआरटीएस (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) प्रणाली विकसित करने की योजना है । इसके अलावा हरिद्वार में पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (PRT) सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव है, जो विशेष रूप से धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देगा। इसके साथ ही स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITS), आधुनिक सिग्नलिंग, पार्किंग प्रबंधन और बाईपास सड़कों के निर्माण पर भी जोर दिया गया है। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) के माध्यम से शहरों का समेकित विकास सुनिश्चित किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि CMP-2024 के लागू होने से कांवड़ मेला और कुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।

बैठक में उत्तराखण्ड मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक बृजेश कुमार मिश्रा, निदेशक (वित्त) संजीव मेहता, महाप्रबंधक (सिविल) संजय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने CMP-2024 को राज्य के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

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CMP-2024 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

शहरी परिवहन को अधिक प्रभावी, सुव्यवस्थित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाना।

CMP-2024 में कौन-कौन सी परियोजनाएँ प्रस्तावित हैं?

ई-बीआरटीएस (इलेक्ट्रिक बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम), हरिद्वार में पर्सनल रैपिड ट्रांजिट (PRT), स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, पार्किंग प्रबंधन और बाईपास सड़कें।

CMP-2024 किन क्षेत्रों को कवर करेगा?

देहरादून (शहर, विकासनगर, ऋषिकेश) और हरिद्वार (शहर, रुड़की, भगवानपुर)।