इसके बाद भी साल 1928 में क्यूबा में हुए छठे सम्मेलन तक इसको मंजूरी नहीं मिली थी। साल 1925 में 5 अक्टूबर को ब्यूनस आयर्स में पहला पैन-अमेरिकन हाईवे सम्मेलन बुलाया गया था। इसमें इस योजना को प्रस्तुत किया गया था। साल 1950 में राजमार्ग का पहला चरण मेक्सिको में पूरा हुआ। मेक्सिको इस प्रस्ताव को अमल में लाने वाला पहला देश बना था।
अमेरिका के एक छोर से दूसरे छोर तक हाईवे की योजना पड़ोसी देशों से संबंध मजबूत करने के लिए बनाई गई थी। साल 1889 में संयुक्त राज्य अमेरिका ने पहले पैन-अमेनिकन सम्मेलन में इसे रेलमार्ग के रूप में प्रस्तावित किया था। हालांकि उस समय इसपर कुछ तय नहीं हो पाया। इसके बाद साल 1923 में चिली में हुए अमेरिकी राज्यों के 5वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में यह विचार दोबारा सामने आया।
इस हाईवे पर यात्रा करना बेहद रोमांचक होता है। इसमें गाड़ी चलाने वाले को हर तरह की परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है। सड़क जंगलों, पहाड़ों, रेगिस्तान और ग्लेशियरों आदि सभी जगह से गुजरती है। ऐसे में इस हाईवे पर गाड़ी चलाने वाले लोग बहुत एक्सपर्ट होने चाहिए।
पहले अधिकांश मध्य अमेरिकी देशों के बीच सड़कें नहीं थीं और व्यापार बहुत कम था। कोस्टा रिका और पनामा के बीच कोई सड़क नहीं थी। इसके बाद इस हाईवे को बनाया गया। हालांकि इसका तीसरा चरण अभी पूरा नहीं हुआ है।
इस पैन-अमेरिकन हाईवे पर जाने से पहले अच्छे से तैयारी करना जरूरी है। इस हाईवे पर अगर कार या बाइक खराब हो जाए तो मुश्किल हो सकती है। ये हाईवे इतना लंबा है कि आपतक मदद पहुंचने में समय लग सकता है। ऐसे में आपकी कार या बाइक में सभी प्रकार के टूल होने चाहिए जिससे गाड़ी पंचर या खराब होने पर आप उसे ठीक कर सकें।
पहले उत्तर, मध्य और दक्षिण अमेरिका के राज्यों को जोड़ने वाला कोई हाईवे नहीं था। ऐसे में इस हाईवे को बनाए जाने की मांग उठने लगी। इसके बाद इसे संयुक्त राज्य अमेरिका ने बनाना शुरू किया। इस हाईवे को बनाने के लिए बड़े पैमाने पर इंजीनियर लगाए गए। इसे कई चरणों में बनाया गया। पहले चरण में इसे लारेडो, टेक्सास से मैक्सिको सिटी तक बनाया गया। दूसरे चरण में पनामा सिटी तक इसे जोड़ा गया।
यह उत्तरी अमेरिका से दक्षिण अमेरिका तक लगभग 30 हजार किलोमीटर की दूरी तय करने वाली सड़कों का एक नेटवर्क है। इसे धरती की सबसे लंबी सड़क कहा जाता है। इसपर चलना आसान नहीं है। ऐसी बहुत सी बाते हैं जो इसे बाकी के हाईवे से अलग बनाती हैं।
पैन-अमेरिकन हाईवे पर ड्राइव करना बिल्कुल भी आसान नहीं है। वजह है ये अलग-अलग परिस्थितियों और क्षेत्रों से होते हुए गुजरता है। कहीं लंबा रेगिस्तान है तो कहीं घने जंगल। ऐसे में इन बदलती परिस्थितियों में इस हाईवे पर गाड़ी चलाना मुश्किल होता है। कई क्षेत्रों में ड्राइविंग कभी-कभी खतरनाक भी हो जाती है।
पैन-अमेरिकन हाईवे की लंबाई करीब 30 हजार किलोमीटर है। ये इतना लंबा है कि इसकी दूरी तय करने में लोगों को कई महीने लग जाते हैं। इस हाईवे पर सभी लोग यात्रा करना चाहते हैं। हर साल बड़ी संख्या में लोग इस हाईवे पर सफर करने के लिए निकलते हैं। इसके लिए वो कई महीने तैयारियां करते हैं। ऐसे बहुत से लोग हैं जो इस हाईवे पर बाइक से ट्रैवल करना पसंद करते हैं।
पैन-अमेरिकन हाईवे कई शहरों और देशों से गुजरता है। ये मेक्सिको, ग्वाटेमाला, एल साल्वाडोर, होंडुरस, निकारागुआ, कोस्टा रिका और उत्तरी अमेरिका में पनामा से गुजरता है। ये कोलंबिया, इक्वेडोर, पेरू, चिली और अर्जेंटीना होते हुए दक्षिण अमेरिका तक जाता है।
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