पटना, सात जून (भाषा) राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने जनता दल (यूनाइटेड) यानी जद(यू) प्रमुख नीतीश कुमार के बेटे निशांत के राजनीति में आने पर रविवार को खुशी जताई लेकिन उन्हें उपमुख्यमंत्री का दर्जा दिए बिना राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने पर निराशा व्यक्त की।
कभी नीतीश कुमार के करीबी रहे कुशवाहा ने आरएलएम के एक सम्मेलन में यह बात कही।
राज्यसभा सदस्य कुशवाहा ने कहा, ‘‘मैं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ मजबूती से खड़ा हूं और खड़ा रहूंगा। मैं 2014 में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी का समर्थन करने वाले शुरुआती लोगों में शामिल था लेकिन सच यह है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ हमारा कोई वैचारिक जुड़ाव नहीं है। हमारी विचारधारा जद(यू) से मेल खाती है। मैं समता पार्टी का संस्थापक सदस्य रहा हूं, जो जद(यू) का पहले का स्वरूप थी। मेरी सहानुभूति अब भी उसी आंदोलन के साथ है।’’
कुशवाहा ने 2023 में जद(यू) छोड़ दी थी। उस समय उन्होंने आरोप लगाया था कि पार्टी का लालू प्रसाद के राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में विलय करने के लिए ‘‘सौदा’’ हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘‘जद(यू) में किसी के कहने से पहले से ही मैं निशांत के राजनीति में आने की वकालत कर रहा था। मेरा मानना था कि अपने पिता के सच्चे राजनीतिक उत्तराधिकारी केवल निशांत ही हो सकते हैं।’’
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि निशांत आखिरकार मंत्री बने हैं लेकिन मुझे निराशा है कि वह सिर्फ मंत्री बनने के लिए राजी हो गए। उन्हें उपमुख्यमंत्री पद मिलना चाहिए था।’’
संयोग से कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश भी निशांत के साथ मंत्रिमंडल में शामिल हैं।
जद(यू) प्रमुख के संभावित राजनीतिक उत्तराधिकारी माने जा रहे निशांत विधान परिषद चुनाव लड़कर मंत्रिमंडल में अपनी जगह पक्की करने की तैयारी में हैं। हालांकि प्रकाश का भविष्य अधर में है, क्योंकि राजग ने नौ में से आठ सीट के लिए अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। इससे आरएलएम प्रमुख के लिए रास्ते लगभग बंद हो गए हैं। कुशवाहा के बारे में अटकलें हैं कि उन पर भाजपा की ओर से अपनी मौजूदा पार्टी का विलय करने का दबाव है।
कुशवाहा ने मीडिया से बातचीत में इशारे में कहा कि उन्हें अब भी उम्मीद है कि आरएलएम को विधान परिषद की एक सीट मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया कल तक जारी रहेगी।’’
भाषा सिम्मी संतोष
संतोष