BREAKING NEWS
रिटायर्ड IAS हत्याकांड का संदिग्ध गिरफ्त से दूर

Hareli Tihar 2026 In Cm House : हरेली पर दिखा CM साय का अनोखा अंदाज! पिंक ऑटो से एंट्री, लोकधुनों पर जमकर थिरके, देखें तस्वीरें

छत्तीसगढ़ के प्रथम लोकपर्व हरेली तिहार पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पारंपरिक वेशभूषा में पिंक ऑटो से पहुंचे CM …

Hareli Tihar 2026 In Cm House

Hareli Tihar 2026 In Cm House

Sneha Singh
Published: 12 Aug 2026 | 6:50 pmModified: 12 Aug 2026 | 6:50 pm
HIGHLIGHTS
  1. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हरेली तिहार पर भगवान शिव, गौमाता और कृषि औजारों की पूजा-अर्चना की।
  2. CM साय पारंपरिक वेशभूषा में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ पिंक ऑटो से कार्यक्रम स्थल पहुंचे।
  3. उन्होंने पारिजात का पौधा लगाया और लोक कलाकारों के साथ पारंपरिक गीत-संगीत का आनंद लिया।

रायपुर : छत्तीसगढ़ की मिट्टी की सोंधी महक, खेत-खलिहानों की परंपराएं, लोकगीतों की स्वर लहरियां, मांदर की थाप, गेड़ी का उल्लास और पारंपरिक व्यंजनों की खुशबू - प्रदेश के प्रथम लोक पर्व हरेली तिहार पर आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी में बदल गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधि-विधान से भगवान शिव, गौमाता और कृषि औजारों की पूजा-अर्चना कर प्रदेश में अच्छी वर्षा, भरपूर फसल, किसानों की समृद्धि और सभी परिवारों की सुख-खुशहाली की कामना की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि, विभिन्न निगम-मंडल एवं आयोगों के पदाधिकारी, किसान और बड़ी संख्या में नागरिक इस उत्सव के साक्षी बने।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों, विशेषकर किसान भाई-बहनों को हरेली तिहार की गाड़ा-गाड़ा बधाई देते हुए कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति, प्रकृति और ग्रामीण जीवन के बीच आत्मीय रिश्ते का उत्सव है। यह पर्व हमें अपनी धरती, पशुधन, कृषि उपकरणों और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर देता है। छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है और प्रदेश की बड़ी आबादी की आजीविका खेती-किसानी से जुड़ी है। किसान की समृद्धि ही गांव और प्रदेश की खुशहाली का मजबूत आधार है।

पारंपरिक वेशभूषा में पिंक ऑटो से पहुंचे मुख्यमंत्री

हरेली के उत्सव में मुख्यमंत्री  साय पूरी तरह छत्तीसगढ़ी रंग में रंगे नजर आए। पारंपरिक वेशभूषा धारण कर वे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ महिला ऑटो चालक श्रीमती संगीता यादव के पिंक ऑटो में मुख्यमंत्री निवास परिसर से कार्यक्रम स्थल पहुंचे। इस अनूठे अंदाज ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और उत्सव के माहौल में आत्मीयता का रंग घोल दिया। कार्यक्रम की शुरुआत गौरी-गणेश एवं नवग्रह पूजन के साथ हुई। मुख्यमंत्री ने मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंग का अभिषेक किया और नांगर, रापा, कुदाल, फावड़ा सहित खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि औजारों की विधि-विधान से पूजा की। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा को नमन किया।मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हरेली के समय तक खेती के अनेक प्रमुख कार्य पूरे हो चुके होते हैं और किसान प्रकृति एवं अपने कृषि साधनों की पूजा कर अच्छे कृषि वर्ष की कामना करते हैं। यह परंपरा हमारे पुरखों की प्रकृति के प्रति गहरी समझ और सम्मान को दर्शाती है।

गौमाता को खिलाई पारंपरिक लोंदी, पशुधन संरक्षण का दिया संदेश

मुख्यमंत्री  साय ने मुख्यमंत्री निवास परिसर में निर्मित गौशाला पहुंचकर गौमाता की आरती और पूजा-अर्चना की। उन्होंने गाय और बछड़े को हरा चारा, चना-गुड़ तथा पारंपरिक ‘लोंदी’ खिलाई। हरेली पर पशुधन को लोंदी खिलाने की लोक परंपरा पशुओं के बेहतर स्वास्थ्य और रोगों से बचाव की कामना से जुड़ी है।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन में पशुधन परिवार और कृषि व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है। हमारी लोक संस्कृति हमें पशुओं के प्रति संवेदनशीलता, सम्मान और संरक्षण की सीख देती है। आधुनिकता के साथ अपनी ऐसी उपयोगी और प्रकृति-सम्मत परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी हमारी जिम्मेदारी है।

किसानों की समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है सरकार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार ने अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में शुरू हुए किसान क्रेडिट कार्ड ने किसानों को खेती के लिए सहज रूप से पूंजी उपलब्ध कराने का रास्ता खोला। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने सहकारी कृषि ऋण की ब्याज दरों को चरणबद्ध ढंग से कम करते हुए अंततः शून्य प्रतिशत तक पहुंचाया। आज किसानों को सहकारी बैंकों से शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने कहा कि फसल बीमा को सरल बनाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक कृषि तकनीक को किसानों तक पहुंचाने की दिशा में भी निरंतर काम किया जा रहा है। राज्य सरकार किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीद रही है। इससे प्रदेश के लाखों किसान परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।

पारिजात का पौधा लगाकर दिया हरियाली बढ़ाने का संदेश

हरेली के प्रकृति संरक्षण के संदेश को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री साय ने मुख्यमंत्री निवास परिसर में पारिजात का पौधा लगाया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने भी पारिजात का पौधा रोपा। मंत्रीगण तथा विभिन्न निगम-मंडल और आयोगों के पदाधिकारियों ने भी विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हरेली हमें प्रकृति से केवल लेने की नहीं, उसे सहेजने और लौटाने की भी सीख देती है। पौधरोपण के साथ पौधों का संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अधिक से अधिक पौधे लगाकर और उन्हें वृक्ष बनने तक सहेजकर आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और सुरक्षित भविष्य तैयार किया जा सकता है।

आधुनिक कृषि तकनीक से रू-ब-रू हुए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में लगाए गए कृषि एवं अन्य विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया। कृषि अभियांत्रिकी विभाग के स्टॉल पर उन्होंने आधुनिक कृषि यंत्रों की उपयोगिता और विशेषताओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने रायपुर के किसान  इंद्र कुमार वर्मा को हार्वेस्टर पर मिलने वाली सब्सिडी के रूप में 16 लाख रुपए का चेक प्रदान किया। उन्होंने कहा कि खेती में आधुनिक तकनीक और यंत्रीकरण से किसानों की लागत और श्रम कम करने के साथ उत्पादकता बढ़ाने में मदद मिल रही है।

ड्रोन दीदी चंद्रकली की सफलता को मुख्यमंत्री ने सराहा

कृषि विभाग के स्टॉल पर मुख्यमंत्री ने ड्रोन दीदी चंद्रकली वर्मा से आत्मीय संवाद किया। वर्मा ने बताया कि वे ड्रोन के माध्यम से खेतों में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और कीटनाशकों का छिड़काव करती हैं तथा प्रति एकड़ 300 रुपए पारिश्रमिक प्राप्त करती हैं। वे अब तक ढाई हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में ड्रोन से छिड़काव कर चुकी हैं और पिछले दो वर्षों में लगभग 7 लाख रुपए की आय अर्जित की है। मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि कृषि में तकनीक का उपयोग महिलाओं के लिए भी आय और आत्मनिर्भरता के नए अवसर पैदा कर रहा है। ड्रोन दीदियां आधुनिक कृषि और महिला सशक्तीकरण की एक प्रेरक कड़ी बन रही हैं।नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग के स्टॉल पर मुख्यमंत्री ने किसानों को अरहर और उड़द दाल के मिनी किट वितरित किए। उन्होंने कृषि मित्रों द्वारा तैयार ब्रह्मास्त्र, नीमास्त्र और मधुमक्खी के मोम से बने लिप बाम जैसे उत्पादों के बारे में जानकारी ली। उद्यानिकी विभाग के स्टॉल पर किसान रामविशाल निषाद ने मुख्यमंत्री को नीम का पौधा भेंट किया।

गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी ने ताजा की गांव की यादें

मुख्यमंत्री निवास को हरेली के अनुरूप नीम और आम के पत्तों, गेंदे के फूलों और पारंपरिक ग्रामीण अलंकरण से सजाया गया था। परिसर में कदम रखते ही छत्तीसगढ़ के गांवों और मेलों जैसा वातावरण महसूस हो रहा था। हरियाली और लोक सज्जा के बीच गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी जैसे पारंपरिक खेल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।गेड़ी पर चढ़े कलाकारों और प्रतिभागियों ने हरेली की पहचान को जीवंत किया, वहीं ग्रामीण खेलों ने बच्चों और युवाओं को अपनी परंपरागत खेल संस्कृति से परिचित कराया। रहचुली ने भी लोगों को खूब आकर्षित किया और पूरे आयोजन में गांव के मेले जैसा आनंद घोल दिया।

लोकधुनों पर कलाकारों के साथ झूमे मुख्यमंत्री साय

मांदर, ढोलक और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप के बीच लोक कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी गीत और नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। हरेली के उल्लास में मुख्यमंत्री श्री साय भी कलाकारों के बीच पहुंचे और उनके साथ पारंपरिक लोकधुनों पर झूमे। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर कलाकारों का उत्साह दोगुना हो गया।ठेठरी, खुरमी, बड़ा सहित विभिन्न छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के स्टॉलों ने आयोजन में पारंपरिक खानपान का रंग भरा। मुख्यमंत्री ने स्टॉलों का अवलोकन करते हुए नागरिकों और कलाकारों से संवाद किया तथा हरेली की खुशियां साझा कीं।

किसान की खुशहाली से ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि : डॉ. रमन सिंह

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की कृषि परंपरा, संस्कृति और प्रकृति से जुड़ा महत्वपूर्ण लोक पर्व है। कृषि औजारों, गौमाता और प्रकृति की पूजा हमारी कृतज्ञता की संस्कृति को अभिव्यक्त करती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर काम किया जा रहा है। किसानों को 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य मिल रहा है और महतारी वंदन योजना से माताओं-बहनों को आर्थिक संबल प्राप्त हो रहा है। किसान का घर खुशहाल और गांव मजबूत होगा, तभी छत्तीसगढ़ की समृद्धि का मार्ग और प्रशस्त होगा।

किसान समृद्ध होगा तो प्रदेश और देश समृद्ध होंगे : कृषि मंत्री

कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की खेती-किसानी, हरियाली और प्रकृति के प्रति आस्था का महापर्व है। हमारी संस्कृति प्रकृति के संरक्षण, पशुधन के सम्मान और अन्नदाता के श्रम के प्रति आदर का संदेश देती है। हरेली अपनी परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और खेती को अधिक समृद्ध बनाने का संकल्प लेने का अवसर है। किसान समृद्ध होगा तो प्रदेश और देश दोनों समृद्ध होंगे।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की लोक अस्मिता और हमारी जड़ों का उत्सव है। आधुनिक विकास की तेज यात्रा के बीच अपनी संस्कृति, परंपरागत ज्ञान, ग्रामीण खेल, लोककला और खानपान को सहेजकर रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बाबा भोलेनाथ, गौमाता और प्रकृति से प्रदेश पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के खेत लहलहाएं, किसानों के घर खुशहाली आए और प्रदेश निरंतर समृद्धि के पथ पर आगे बढ़े। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायकगण, विभिन्न निगम-मंडल एवं आयोगों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसान तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

इन्हें भी पढ़ें:

हमसे जुड़ें
FacebookTwitterInstagramMSNGoogle NewsYouTube

लेखक के बारे में

Sneha Singh
Sneha Singh

I’m Sneha Singh, a journalist and news producer at IBC24. A Gold Medalist in Journalism and Mass Communication, I specialize in news production, content writing, and digital storytelling. With a keen interest in political and crime reporting, I believe in delivering accurate, ethical, and impactful journalism that informs and connects with people.

और भी पढ़ें...

Web Title: Chhattisgarh CM Vishnu Deo Sai Celebrates Hareli Festival in Traditional Style

शहर की खबरें
Raigad Diveagar Beach Incident: खुशियों के बीच अचानक मचा कोहराम, कुछ ही देर में बदल गया पूरा माहौल, 8 छात्रों की मौत से मचा हड़कंप

Raigad Diveagar Beach Incident: खुशियों के बीच अचानक मचा कोहराम, कुछ ही देर में बदल गया पूरा माहौल, 8 छात्रों की मौत से मचा हड़कंप

01 Oct 2026 | 8:24 pm
CG News: छत्तीसगढ़ के इन जगहों पर नए SDM की तैनाती, कलेक्टर ने कई अफसरों का किया तबादला, यहां देखिए पूरी सूची

CG News: छत्तीसगढ़ के इन जगहों पर नए SDM की तैनाती, कलेक्टर ने कई अफसरों का किया तबादला, यहां देखिए पूरी सूची

01 Oct 2026 | 8:06 pm
Ayodhya Parikrama Route: अयोध्या में विकास की नई तस्वीर, दीपोत्सव से पहले बदलेगा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का स्वरूप, श्रद्धालुओं को मिलेंगी नई सुविधाएं

Ayodhya Parikrama Route: अयोध्या में विकास की नई तस्वीर, दीपोत्सव से पहले बदलेगा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का स्वरूप, श्रद्धालुओं को मिलेंगी नई सुविधाएं

01 Oct 2026 | 7:37 pm
Uttar Pradesh News: अब लखपति दीदियों को ‘करोड़पति दीदी’ बनाने की तैयारी, गांधी जयंती पर पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा ‘सुधार उत्सव’, ग्राम सभाओं में इन एजेड़ों पर होगी चर्चा

Uttar Pradesh News: अब लखपति दीदियों को ‘करोड़पति दीदी’ बनाने की तैयारी, गांधी जयंती पर पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा ‘सुधार उत्सव’, ग्राम सभाओं में इन एजेड़ों पर होगी चर्चा

01 Oct 2026 | 7:26 pm
Chaudhary Bhupendra Singh on Akhilesh: ‘अखिलेश ने तिजोरी भरने के लिए बनाया था एक्सप्रेसवे’, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर भड़के मंत्री भूपेंद्र सिंह, गिनाए पुराने कारनामे

Chaudhary Bhupendra Singh on Akhilesh: ‘अखिलेश ने तिजोरी भरने के लिए बनाया था एक्सप्रेसवे’, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर भड़के मंत्री भूपेंद्र सिंह, गिनाए पुराने कारनामे

01 Oct 2026 | 7:14 pm
Uttar Pradesh News: सात समंदर पार पहुंची यूपी के आम की मिठास, पांच साल में 90 हजार क्विंटल निर्यात, योगी सरकार की नीतियों के चलते बढ़ी डिमांड

Uttar Pradesh News: सात समंदर पार पहुंची यूपी के आम की मिठास, पांच साल में 90 हजार क्विंटल निर्यात, योगी सरकार की नीतियों के चलते बढ़ी डिमांड

01 Oct 2026 | 7:06 pm
Rahul Gandhi Balaghat visit: आदिवासी परिवारों से मिले राहुल गांधी, बच्चों की मौत पर सरकार को घेरा, उठाए स्वास्थ्य और मुआवजे के मुद्दे

Rahul Gandhi Balaghat visit: आदिवासी परिवारों से मिले राहुल गांधी, बच्चों की मौत पर सरकार को घेरा, उठाए स्वास्थ्य और मुआवजे के मुद्दे

01 Oct 2026 | 7:00 pm
Pitru Paksh 2026: क्या आप भी सिर्फ पितृ पक्ष में ही करते हैं तर्पण? जानिए ‘श्राद्ध पक्ष’ के अलावा साल भर पितरों को तृप्त करने के गुप्त अवसर!

Pitru Paksh 2026: क्या आप भी सिर्फ पितृ पक्ष में ही करते हैं तर्पण? जानिए ‘श्राद्ध पक्ष’ के अलावा साल भर पितरों को तृप्त करने के गुप्त अवसर!

01 Oct 2026 | 6:57 pm