Face To Face Madhya Pradesh: अब प्रमोशन की बारी..सधेगे कर्मचारी? क्या कानूनी दांवपेंच में उलझकर रह जाएगा मामला?
Face To Face Madhya Pradesh: अब प्रमोशन की बारी..सधेगे कर्मचारी? क्या कानूनी दांवपेंच में उलझकर रह जाएगा मामला?

Face To Face Madhya Pradesh/ Image Credit: IBC24
भोपाल। Face To Face Madhya Pradesh: अब प्रमोशन की बारी, सधेंगे कर्मचारी ? ये सवाल इसलिए क्योंकि मध्यप्रदेश में करीब नौ साल बाद 5 लाख सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन का रास्ता खुलने जा रहा है, अगर सब कुछ ठीक रहा तो जल्द पदोन्नति प्रक्रिया शुरू हो सकती है। विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के ऐलान के बाद वित्त विभाग ने विधि विभाग से अभिमत मांगा है। मामला कर्मचारी वोटों से जुड़ा हो तो इसपर सियासत क्यों नहीं होगी। बीजेपी और कांग्रेस में कर्मचारी हितैषी बनने को होड़ मच गई है। आखिर सूबे में क्यों बंद हो गए थे प्रमोशन। सरकार क्या रास्ता निकाल रही है और सियासत क्यों हो रही है ?
तो सुना आपने सूबे के मुखिया डॉ मोहन यादव ने 9 साल से रुके प्रमोशन को फिर से शुरू करने के संकेत दिए है जल्द ही कर्मचारियों के प्रमोशन का रास्ता साफ होने वाला है। बजट सत्र के पहले कर्मचारियों ने आंदोलन का ऐलान कर दिया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने विधानसभा में प्रमोशन का रास्ता जल्द निकालने के संकेत दिए थे। कर्मचारियों को प्रमोशन देने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग नए निर्देश जारी करेगा,जिसे विभागों में लागू किया जाएगा। सरकार के इस कवायद से कर्मचारी संगठन भी खुश हैं। प्रमोशन का मुद्दा सीधे-सीधे कर्मचारियों से जुड़ा है तो कर्मचारियों का सच्चा हितैषी दिखाने की होड़ सियासी दलों में मची हुई है, जहां कांग्रेस ने बीजेपी को कर्मचारी विरोधी होने का आरोप लगाया तो वही बीजेपी का कहना है यह कांग्रेस सरकार के समय के पाप है, जिनका निपटारा हमारी सरकार कर रही है।
Face To Face Madhya Pradesh: दरअसल, कर्मचारियों की ताकत का अहसास सियासी दल अच्छे से जानते हैं। 2003 विधानसभा चुनाव में दिग्विजय सिंह का "चुनाव प्रबंधन से जीते जाते हैं, कर्मचारी और अन्य वर्गों के वोटों से नहीं " वाला बयान उन्हें सत्ता के वनवास पर भेजने की वजह बना था। ठीक इसी तरह 12 जून 2016 को शिवराज सिंह चौहान का कोई भी माई का लाल आरक्षण खत्म नहीं कर सकता, आरक्षण जारी रहेगा, प्रमोशन में भी सरकार आरक्षण देगी वाला बयान पर खूब बवाल मचा। जिसका खामियाजा 2018 में बीजेपी को भुगतना पड़ा। बीजेपी की सत्ता चली गई। कुल मिलाकर डॉ मोहन यादव ने प्रमोशन वाला दांव खेलकर कर्मचारियों की 9 साल से चली आ रही नाराजगी को दूर करने की कोशिश की है। अब देखना है कि बीजेपी सरकार इसमें कितना कामयाब हो पाती है।
लेखक के बारे में
Web Title: Now it is the turn of promotion..will the employees settle down? Will the matter remain entangled in legal maneuvers?
रायपुर
और भी पढ़ें ›
Raigad Diveagar Beach Incident: खुशियों के बीच अचानक मचा कोहराम, कुछ ही देर में बदल गया पूरा माहौल, 8 छात्रों की मौत से मचा हड़कंप
01 Oct 2026 | 8:24 pm
CG News: छत्तीसगढ़ के इन जगहों पर नए SDM की तैनाती, कलेक्टर ने कई अफसरों का किया तबादला, यहां देखिए पूरी सूची
01 Oct 2026 | 8:06 pm
Ayodhya Parikrama Route: अयोध्या में विकास की नई तस्वीर, दीपोत्सव से पहले बदलेगा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का स्वरूप, श्रद्धालुओं को मिलेंगी नई सुविधाएं
01 Oct 2026 | 7:37 pm
Uttar Pradesh News: अब लखपति दीदियों को ‘करोड़पति दीदी’ बनाने की तैयारी, गांधी जयंती पर पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा ‘सुधार उत्सव’, ग्राम सभाओं में इन एजेड़ों पर होगी चर्चा
01 Oct 2026 | 7:26 pm
Chaudhary Bhupendra Singh on Akhilesh: ‘अखिलेश ने तिजोरी भरने के लिए बनाया था एक्सप्रेसवे’, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर भड़के मंत्री भूपेंद्र सिंह, गिनाए पुराने कारनामे
01 Oct 2026 | 7:14 pm
Uttar Pradesh News: सात समंदर पार पहुंची यूपी के आम की मिठास, पांच साल में 90 हजार क्विंटल निर्यात, योगी सरकार की नीतियों के चलते बढ़ी डिमांड
01 Oct 2026 | 7:06 pm
Rahul Gandhi Balaghat visit: आदिवासी परिवारों से मिले राहुल गांधी, बच्चों की मौत पर सरकार को घेरा, उठाए स्वास्थ्य और मुआवजे के मुद्दे
01 Oct 2026 | 7:00 pm
Pitru Paksh 2026: क्या आप भी सिर्फ पितृ पक्ष में ही करते हैं तर्पण? जानिए ‘श्राद्ध पक्ष’ के अलावा साल भर पितरों को तृप्त करने के गुप्त अवसर!
01 Oct 2026 | 6:57 pm