वैशाख अमावस्या के दिन करें ये काम, पितरों को होगी मोक्ष की प्राप्ति

वैशाख अमावस्या के दिन करें ये काम, पितरों को होगी मोक्ष की प्राप्ति

वैशाख अमावस्या के दिन करें ये काम, पितरों को होगी मोक्ष की प्राप्ति
Modified Date: November 29, 2022 / 08:15 pm IST
Published Date: April 22, 2020 1:11 am IST

रायपुर। आज, 22 अप्रैल, बुधवार को वैशाख माह की अमावस्या है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस दिन श्राद्ध, तर्पण, पूजा-पाठ और दान का विधान है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार अमावस्या तिथि पर कालसर्प दोष निवारण और शनि दोष शांति पूजा भी की जाती है। 

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हिंदू पंचाग के अनुसार कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को अमावस्या कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पितरों के लिए की गई पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन दान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

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अमावस्या के दिन पितरों की विशेष पूजा का महत्व है। इस पावन तिथि पर पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध करने का बहुत अधिक महत्व है। संभव हो तो इस दिन पितरों की तृप्ति के लिए व्रत भी रखना चाहिए। अन्न और जल का दान करना चाहिए।

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कोरोना वायरस के कारण संपूर्ण देश में लॅाकडाउन चल रहा है, जिस वजह से घर से बाहर निकलने की मनाही है। ऐसे में किसी भी तीर्थ में जाना संभव नहीं है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं घर में रहकर ही पितरों की तृप्ति के लिए कर्म कैसे करें। नहाने के पानी में गंगा जल मिलाकर सन्ना करे। इस दिन नहाने के जल में तिल डालकर स्नान करना चाहिए।

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अपने मन में पितरों की तृप्ति का संकल्प लें और जल, अन्न का दान करें। किसी गरीब को भोजन करवाएं। सात्विक भोजन बनाएं और गाय को भोजन खिलाएं।  अमावस्या के पावन दिन पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। पितरों का आशिर्वाद मिलता है। इस पावन तिथि पर अपनी क्षमता के अनुुसार दान करें।


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com