Holashtak 2026: होलाष्टक के आखिरी दिन लगेगा, भारत में दिखने वाला पूर्ण चंद्र ग्रहण! अपनाएं इसके दुष्प्रभाव से बचने के अचूक उपाय..

Holashtak 2026: वर्ष 2026 में, होलाष्टक के आखिरी दिन बन रहा है दुर्लभ संयोग! क्योंकि फागुन पूर्णिमा यानी 3 मार्च 2026, के दिन होलिका दहन और चंद्र ग्रहण एक ही साथ पड़ रहे हैं।

Holashtak 2026: होलाष्टक के आखिरी दिन लगेगा, भारत में दिखने वाला पूर्ण चंद्र ग्रहण! अपनाएं इसके दुष्प्रभाव से बचने के अचूक उपाय..

Holashtak 2026/Image Source: IBC24

Modified Date: January 28, 2026 / 07:28 pm IST
Published Date: January 28, 2026 7:20 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 3 मार्च 2026: होलिका दहन पर ब्लड मून ग्रहण! अशुभ या शुभ?
  • सूतक के दौरान भूलकर भी न करे ये गलतियां!
  • क्या ग्रहण का काला पर्दा ढकेगा होली की रंगत?

Holashtak 2026: इस वर्ष 2026 में, होलाष्टक के आखिरी दिन बन रहा है दुर्लभ संयोग, क्योंकि फागुन पूर्णिमा यानी 3 मार्च 2026, के दिन होलिका दहन और चंद्र ग्रहण एक ही साथ पड़ रहे हैं। होलाष्टक 24 फरवरी 2026 से शुरू होकर 3 मार्च तक रहेगा, और इसका अंतिम दिन ही होलिका दहन का दिन है। आपको बता दें कि उसी दिन भारत में दिखाई देने वाला पूर्ण चंद्र ग्रहण लगेगा। कई लोगों के मन में ये सवाल उठ रहा होगा कि ये शुभ है या अशुभ? तो आइये जानते हैं..

Holashtak and Chandra Grahan 2026: होलाष्टक के आखिरी दिन ग्रहण, शुभ है या अशुभ?

हिन्दू मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण (खासकर चंद्र ग्रहण) अशुभ माना जाता है, पुराणों के मुताबिक़ देखा जाए तो होलाष्टक को भी अशुभ अवधि माना जाता है क्योंकि होलाष्टक के ये 8 दिन बहुत ही हानिकारक होते हैं। माना जाता है कि इस अवधि में सभी गृह अपने उग्र रूप में विराजमान होते हैं इसलिए लिए होलाष्टक के दौरान सभी शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। यह समय नकारात्मक शक्तियां, मानसिक तनाव, स्वास्थ्य सम्बन्धी दिक्कतें तथा ज़रूरी फैसले लेने में बाधा बन सकते हैं। किन्तु यदि सही उपाय किए जाए और सावधानी बरती जाए, तो ये बुरी शक्तियों के विनाश का प्रतीक भी बन सकता है।

Chandra Grahan 2026: ग्रहण के दुष्प्रभाव से कैसे बचें?

  • ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘ॐ चंद्राय नमः’ मंत्र का जाप करें।
  • घर में गंगाजल छिड़कें और श्री हनुमान चालीसा के पाठ से सभी संकटों का नाश होगा।
  • ग्रहण के दौरान किसी ज़रूरत मंद व्यक्ति को काले तिल, चावल आदि का दान जरूर करें।
  • ग्रहण समाप्त होने के पश्चात, पानी में गंगा जल डालकर स्नान करें और फिर होलिका दहन की पूजा करें।

Holashtak 2026: ग्रहण के दौरान बरतें ये सावधानियाँ

  • सूतक काल (ग्रहण से पहले का समय): ग्रहण लगने से पहले हल्का भोजन कर लें, किन्तु उस दौरान भोजन बनाकर न रखें।
  • ग्रहण के दौरान घर में रखी तुलसी को स्पर्श न करें और न ही पूजा करें।
  • घर के सभी खाद्य पदार्थों में कुषा या तुलसी पत्ता दाल दें, ताकि उनपर ग्रहण की छाया न पड़ सके।
  • सूतक तथा ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं, बच्चे तथा बुज़ुर्ग विशेष रूप से सावधानी बरतें। घर से बाहर न जाएँ।
  • ग्रहण के दौरान कोई भी शुभ कार्य न करें, बाल न कटवाएं और यदि किसी यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं तो उसे टालें।
  • ग्रहण समाप्ति के पश्चात, स्नान करके नए कपडे पहनें, होलिका दहन की पूजा करें और शुद्ध भोजन ग्रहण करें।

Disclaimer:- उपरोक्त लेख में उल्लेखित सभी जानकारियाँ प्रचलित मान्यताओं और धर्म ग्रंथों पर आधारित है। IBC24.in लेख में उल्लेखित किसी भी जानकारी की प्रामाणिकता का दावा नहीं करता है। हमारा उद्देश्य केवल सूचना पँहुचाना है।

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लेखक के बारे में

Swati Shah, Since 2023, I have been working as an Executive Assistant at IBC24, No.1 News Channel in Madhya Pradesh & Chhattisgarh. I completed my B.Com in 2008 from Pandit Ravishankar Shukla University, Raipur (C.G). While working as an Executive Assistant, I enjoy posting videos in the digital department.