Janki Jayanti 2024: आज जानकी जयंती.. इन देवताओं की आराधना से भक्तों पर बरसेगी माँ की अपार कृपा.. यहाँ जान ले शुभ मुहूर्त

Janki Jayanti 2024: आज जानकी जयंती.. इन देवताओं की आराधना से भक्तों पर बरसेगी माँ की अपार कृपा.. यहाँ जान ले शुभ मुहूर्त

Luck of these people will change with and earn bumper money with janki jayanti 2024

Modified Date: March 4, 2024 / 02:58 pm IST
Published Date: March 4, 2024 2:58 pm IST

Luck of these people will change with and earn bumper money with janki jayanti 2024: फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को पर्व उत्सव से मनाई जाती है। इस वर्ष यानी की 2024 को जानकी जयंती 4 मार्च यानी आज मनाई जा रही हैं। इसी दिन माता सीता राजा दशरथ को संतान के रूप में प्राप्त हुई थी। मान्यता है कि इस दिन देवी सीता की पूजा करने से लक्ष्मी जी बेहद ही प्रसन्न होती है और राजा जनक जी की पुत्री होने से देवी सीता को जनक दुलारी भी कहा जाता है।

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जानकी जयंती 2024 का शुभ मुहूर्त

जानकी जयंती 2024 का शुभ मुहूर्त फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि यानी 3 मार्च 2024 को सुबह 08.44 से शुरू होगी और अगले दिन यानी की 4 मार्च 2024 को सुबह 08.49 तक रहेगी। इस दिन मां सीता की पूजा के लिए सुबह 09.38 से सुबह 11.05 तक अति उत्तम शुभ मुहूर्त बताई गई है।

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यह हैं मान्यता

Luck of these people will change with and earn bumper money with janki jayanti 2024: माता सीता, हिंदू धर्म की महान ग्रंथ रामायण के मुख्य पात्रों में से एक हैं। उन्हें प्रभु श्री राम जी की पत्नी के रूप में जाना जाता है। भगवान राम के साथ माता सीता की पूजा-अर्चना का हिंदू धर्म में विधान है। फाल्गुन माह में मनाई जाने वाली जानकी जयंती, माता सीता के लिए ही समर्पित है। इस दिन को सीता अष्टमी के रूप में भी लोग जानते है। कई महिलाएं इस दिन पर घर-परिवार की सुख शांति और पति की लंबी उम्र के लिए माता सीता जी की व्रत रखती हैं।

माता जानकी जयंती के शुभ अवसर पर माता सीता जी की कृपा प्राप्ति के लिए सुबह स्नान करने के बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें और इसके बाद व्रत का संकल्प लें। भगवान राम जी और माता सीता जी का ध्यान करें। शाम के समय सीता जी और राम जी का साथ में पूजा अर्चना भी करें और आरती अवश्य कर अपना व्रत को खोलें। इसके बाद राम-माता सीता को भोग भी लगाएं और इस भोग को प्रसाद के रूप में वितरित अवश्य करें।

 


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