Mahashivratri 2026: पूजा के दौरान एक छोटी सी चूक कर सकती है बड़ा नुकसान! महाशिवरात्रि में शिवलिंग पर कभी न चढ़ाएं ये चीज

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर भक्त व्रत, पूजा और अभिषेक के जरिए शिवजी को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। हालांकि कुछ वस्तुएं शिवलिंग पर चढ़ाना वर्जित माना जाता है। ऐसा करने से पूजा का फल प्रभावित हो सकता है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि शिवजी को क्या नहीं चढ़ाना चाहिए और क्यों?

Mahashivratri 2026: पूजा के दौरान एक छोटी सी चूक कर सकती है बड़ा नुकसान! महाशिवरात्रि में शिवलिंग पर कभी न चढ़ाएं ये चीज

(Mahashivratri 2026/ Image Credit: IBC24 News)

Modified Date: February 11, 2026 / 11:32 am IST
Published Date: February 11, 2026 11:31 am IST
HIGHLIGHTS
  • महाशिवरात्रि पर शिवभक्त व्रत और अभिषेक करते हैं।
  • शिवलिंग पर जल, दूध, भस्म और बेलपत्र अर्पित करना शुभ।
  • तुलसी, हल्दी, कुमकुम, सिंदूर और शंख अर्पित नहीं करने चाहिए।

Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि भगवान शिव की पूजा का सबसे प्रमुख पर्व माना जाता है और देशभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस दिन शिवभक्त व्रत रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सच्चे मन से की गई पूजा भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होती है और भक्तों पर उनकी विशेष कृपा बरसती है।

शिवलिंग पूजा की परंपरा (Tradition of Shivalinga Worship)

शिवलिंग पर जल, दूध, भस्म और बेलपत्र अर्पित करना सदियों से प्रचलित है। लेकिन ज्योतिष और पुराणों के अनुसार, कुछ वस्तुओं का प्रयोग पूजा में वर्जित माना गया है। इनका अर्पण करने से पूजा का फल कम हो सकता है या नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2026) पर केवल श्रद्धा ही नहीं, बल्कि नियमों का पालन करना भी जरूरी है।

तुलसी और शिवलिंग (Tulsi and Shivalinga)

हिंदू धर्म में तुलसी को पवित्र माना जाता है और यह विष्णु पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। परंतु शिवलिंग पर तुलसी चढ़ाना वर्जित है। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव ने तुलसी के पति असुर जालंधर का वध किया था। इससे आहत होकर तुलसी ने शिवपूजा से दूरी बना ली। इस कारण शिवलिंग पर तुलसी का प्रयोग नहीं किया जाता।

सिंदूर, कुमकुम और हल्दी (Sindoor, Kumkum and Turmeric)

कुमकुम और सिंदूर स्त्री तत्व और श्रृंगार का प्रतीक हैं, जबकि शिवजी तप और वैराग्य के प्रतीक हैं। इसलिए इनका शिवलिंग पर अर्पण निषिद्ध माना गया है। हल्दी भी स्त्री तत्व से जुड़ी मानी जाती है और इसे विवाह या शुभ कार्यों में प्रयोग किया जाता है। इसलिए महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2026) पर हल्दी का प्रयोग भी शिवलिंग पर नहीं करना चाहिए।

शंख और फूल (Seashells and Flowers)

शिवपूजा में शंख का उपयोग भी वर्जित माना गया है। पुराणों के अनुसार, शिवजी ने शंखचूड़ नामक दैत्य का वध किया था, जिससे शंख से जुड़ी अशुभ मान्यता बनी। फूलों में केवल बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित करना शुभ होता है, जबकि केतकी, कनेर और लाल रंग के फूल शिवलिंग पर नहीं चढ़ाए जाते।

सही सामग्री से करें पूजा (Mahashivratri Puja)

महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2026) पर सही सामग्री से और श्रद्धा के साथ पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और शांति बनी रहती है। इसलिए पूजा करते समय धार्मिक नियमों और मान्यताओं का पालन करना आवश्यक है, ताकि भगवान शिव की कृपा हमेशा बनी रहे और भक्तों को फल की प्राप्ति हो।

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लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।